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अयोध्या की आराध्या जायसवाल ने पूरे यूपी में 9वीं रैंक हासिक की, वकील बनने का है सपना

UP Board Result 2026: यूपी बोर्ड के नतीजों में इस बार बेटियों ने अपनी मेधा का परचम लहराया है। 'कैनोसा कॉन्वेंट गर्ल्स इंटरमीडिएट कॉलेज' की 12वीं की छात्रा आराध्या जायसवाल ने प्रदेश की टॉप-10 लिस्ट में 9वीं रैंक हासिल कर अपनी सफलता की नई इबारत लिखी है।

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यूपी बोर्ड ने कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के परिणाम गुरुवार को जारी कर दिए, जिसके बाद से छात्रों में खुशी और उमंग का माहौल देखा जा रहा है। यूपी बोर्ड की परीक्षा में अयोध्या स्थित कैनोसा कॉन्वेंट गर्ल्स इंटरमीडिएट कॉलेज की छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन किया है।

आराध्या ने प्रदेश की मेरिट में बनाई जगह

उन छात्राओं में एक आराध्या जायसवाल हैं। इन्होंने 12वीं में 96.33 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पूरे यूपी में 9वीं रैंक हासिक की है। आराध्या ने बताया कि अपनी इस उपलब्धि से बहुत ज्यादा खुशी हो रही है। इसके लिए मैं सबसे पहले अपने माता-पिता, ईश्वर के साथ-साथ शिक्षकों को और कॉलेज के प्रिंसिपल का आभार व्यक्त करती हूं, जिन्होंने मेरा हमेशा सहयोग किया। इसी के साथ उन्होंने अपने कोचिंग के शिक्षक का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने साल भर परीक्षा की तैयारी कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कोचिंग की वजह से मुझे बहुत गाइडेंस मिला: आराध्या

आराध्या ने कहा कि सेल्फ स्टडी के बलबूते अधिकांश छात्र परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं। मुझ में भी ऐसा ही था। कोचिंग की वजह से मुझे बहुत गाइडेंस मिला। उन्होंने कहा कि पैरेंट्स का सहयोग, शिक्षकों के निर्देशन और पहले दिन से की गई कड़ी मेहनत के बाद किसी का परिणाम इसी प्रकार आता है।

पिता के पदचिह्नों पर चलेंगी आराध्या

आराध्या ने बताया कि वो आगे चलकर कानून के क्षेत्र में करियर बनाना चाहती हैं। उनके पिता भी एक वकील हैं। पिता को देखते-देखते उनके अंदर भी लॉ के क्षेत्र में रुचि बढ़ी है।

कॉलेज की एक दूसरी छात्रा प्राची पांडे ने बताया कि 10वीं की कक्षा में मेरा 96.2 प्रतिशत अंक आया है। उन्होंने कहा, "यह मेरे लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।" उन्होंने कहा, "मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे इतने अच्छे अंक आएंगे। हालांकि, मेरी अपेक्षा 97 प्रतिशत की थी, लेकिन माता-पिता खुश हैं, तो मैं भी काफी खुश हूं।"

प्राची ने बताया कि परीक्षा की तैयारी के लिए वह कम से कम मोबाइल फोन का इस्तेमाल करती थी। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय ईश्वर और माता-पिता के साथ-साथ बड़ी बहन, शिक्षक और अपनी मेहनत को दिया। प्राची आगे 11वीं-12वीं के बाद प्रतियोगी परीक्षाएं और सीयूईटी की तैयारी करेंगी।