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Ayodhya: मंडी परिषद में काम ठप, कर्मचारी मोबाइल गेम में व्यस्त, वीडियो वायरल से मचा हड़कंप

Ayodhya Viral Video: अयोध्या मंडी परिषद के वायरल वीडियो में कर्मचारी काम छोड़ मोबाइल गेम खेलते दिखे, जबकि किसान-व्यापारी परेशान रहे, जिससे सरकारी लापरवाही और जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठे।

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मंडी परिषद में ‘काम बंद, गेम चालू’! वायरल वीडियो ने खोली लापरवाही की पोल (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

मंडी परिषद में ‘काम बंद, गेम चालू’! वायरल वीडियो ने खोली लापरवाही की पोल (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

Ayodhya Mandi Parishad Viral Video: उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित मंडी परिषद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने सरकारी दफ्तरों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कर्मचारी अपने दफ्तर में काम करने के बजाय कुर्सियों पर पैर रखकर मोबाइल पर गेम खेलते नजर आ रहे हैं, जबकि आम जनता अपने काम के लिए इधर-उधर भटकती दिख रही है।

वीडियो में दिखी चौंकाने वाली तस्वीर

वायरल हो रहे इस वीडियो में मंडी परिषद के प्रशासनिक कक्ष का दृश्य सामने आया है, जहां कुछ कर्मचारी बेहद आरामदायक अंदाज में बैठे हुए हैं। किसी ने कुर्सी पर पैर चढ़ा रखा है, तो कोई मोबाइल फोन में पूरी तरह व्यस्त है। यह नजारा उस समय का बताया जा रहा है, जब कार्यालय में कामकाज का समय था और फरियादी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए वहां मौजूद थे।

जनता के काम पर लगा ‘ब्रेक’

इस घटना ने आम लोगों में नाराजगी पैदा कर दी है। किसानों और व्यापारियों का कहना है कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए घंटों दफ्तर के चक्कर लगाते हैं, लेकिन कर्मचारियों की उदासीनता के कारण उनका काम समय पर नहीं हो पाता। इस तरह की लापरवाही से न केवल उनका समय बर्बाद होता है, बल्कि आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।

लंबे समय से जारी लापरवाही

सूत्रों के अनुसार, यह कोई एक दिन की घटना नहीं है। मंडी परिषद में कर्मचारियों की यह कार्यशैली लंबे समय से चली आ रही है। कई बार शिकायतें भी की गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। वायरल वीडियो ने इस पूरे मामले को सार्वजनिक कर दिया है।

टैक्स के पैसों पर सवाल

सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जिन कर्मचारियों को जनता के टैक्स के पैसों से वेतन मिलता है, वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन इस तरह कैसे कर सकते हैं? इस वीडियो ने सरकारी तंत्र की जवाबदेही पर सीधा सवाल खड़ा कर दिया है।

प्रशासन की चुप्पी

वीडियो वायरल होने के बाद भी अब तक संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आम लोगों का कहना है कि यदि इस मामले में जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो इससे गलत संदेश जाएगा और कर्मचारियों की लापरवाही और बढ़ सकती है।

सोशल मीडिया पर आक्रोश

सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से शेयर किया जा रहा है और लोग इस पर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे सरकारी व्यवस्था की विफलता बताया है, तो कुछ ने जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

जिम्मेदारी तय करने की मांग

स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होगी, तब तक इस तरह की घटनाएं होती रहेंगी।

सुधार की जरूरत

यह घटना केवल एक कार्यालय की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरे सिस्टम में सुधार की आवश्यकता को दर्शाती है। सरकारी दफ्तरों में समयबद्ध और जिम्मेदार कार्यप्रणाली सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है, ताकि आम जनता को परेशानी न हो।