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अब SIT करेगी श्रीराम मंदिर में चढ़ावे में घोटाले की जांच, योगी सरकार ने गठित की टीम

Ayodhya Ram Mandir Donation scam SIT Investigation : अयोध्या राम मंदिर दानपात्र गड़बड़ी मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ ने 3 सदस्यीय SIT का गठन किया है। टीम को 15 दिनों में अंतिम रिपोर्ट सौंपनी होगी। इस बीच आरोपी कर्मी के घर से 10 लाख रुपये बरामद हुए हैं।
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अयोध्या

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Avaneesh Kumar Mishra

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Updated: 13 Jun 2026, 8:01 PM IST

Ram Mandir Donation Scam

अयोध्या राम मंदिर (फोटो- IANS)

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित गड़बड़ी का मामला अब गंभीर होता जा रहा है। मंदिर ट्रस्ट ने शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) से कराने की मांग की थी। इसके कुछ ही घंटों बाद राज्य सरकार ने तीन सदस्यीय SIT का गठन कर दिया।

SIT में लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत (IAS), आईजी रेंज किरन एस. (IPS) और वित्त विभाग के विशेष सचिव नीलरतन को शामिल किया गया है। टीम को 7 दिनों के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों के अंदर अंतिम रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही भविष्य में ऐसी किसी भी संभावित अनियमितता को रोकने के लिए सुझाव भी देने होंगे।

इस बीच, मंदिर कर्मचारी लवकुश मिश्रा (27) के घर से करीब 10 लाख रुपये बरामद होने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि कुछ रकम गोबर में दबाकर छिपाई गई थी, जबकि बाकी पैसे एक बक्से में रखे मिले। हालांकि, बरामद धनराशि का स्रोत अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। लवकुश के पिता ने भी पैसे मिलने की पुष्टि की है। सूत्रों के अनुसार, लवकुश मंदिर में चढ़ावे की राशि की गणना करने का काम करता था।

पिता बोले- घर का ताला तोड़कर ले गए नकदी

लवकुश के पिता बच्चूलाल मिश्रा ने बताया कि राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े तीन-चार लोग उनके घर पहुंचे और ताला खोलकर नकदी अपने साथ ले गए। उनका कहना है कि उन्हें इस धन के बारे में कोई जानकारी नहीं थी क्योंकि वे लंबे समय से गाजियाबाद में रह रहे थे।

बच्चूलाल ने यह भी कहा कि फैजाबाद में बन रहे मकान को लेकर जो चर्चाएं हो रही हैं, उनका उनके बेटे से कोई संबंध नहीं है। उनके अनुसार, मकान निर्माण के लिए उन्होंने पहले से खरीदी गई जमीन और लगभग 10-12 बीघा कृषि भूमि गिरवी रखी है।

उन्होंने कहा, 'मेरा बेटा पिछले पांच-छह महीने से राम मंदिर में काम कर रहा था। उसे वहां नौकरी रवि मिश्रा ने दिलवाई थी, जो हमारे समधी हैं। फैजाबाद में बन रहा मकान हमारी मेहनत और जमीन गिरवी रखकर जुटाए गए पैसों से बन रहा है, उसका बेटे से कोई लेना-देना नहीं है।'

एक साल पहले मिली थी मंदिर में नौकरी

ग्रामीणों के मुताबिक, लवकुश पहले कार मिस्त्री का काम करता था। शादी के बाद करीब एक वर्ष पहले उसे मंदिर ट्रस्ट में नौकरी मिली थी। गांव के लोगों का कहना है कि नौकरी मिलने के बाद उसकी आर्थिक स्थिति में अचानक बदलाव दिखाई देने लगा था।

स्थानीय लोगों के अनुसार, गांव आने पर वह खुलकर खर्च करता था। कुछ ग्रामीणों ने दावा किया कि एक बार उसने शराब के ठेके पर करीब 50 हजार रुपये खर्च किए थे। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

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