अयोध्या

आस्था और तकनीक का अनूठा संगम,अब थ्री-डी के माध्यम से श्रद्धालु राम मंदिर समेत कर सकेंगे 14 मंदिरों का दर्शन, जानेंगे 500 वर्षों का इतिहास

राम मंदिर अयोध्या में आस्था और तकनीक का अब अनूठा संगम देखने को मिलेगा। अब थ्री-डी के जरिए 14 मंदिरों के श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। इसके साथ ही 500 वर्षों का इतिहास आइये जानते है तकनीक की पूरी व्यवस्था क्या है?

2 min read
Feb 19, 2026

Intro: अयोध्या की पावन धरती पर अब भक्ति और तकनीक का अद्भुत मेल देखने को मिलेगा। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को केवल प्रत्यक्ष दर्शन ही नहीं, बल्कि आधुनिक डिजिटल माध्यमों से भी भगवान के दिव्य स्वरूप का अनुभव कराया जाएगा। रामकथा संग्रहालय में थ्री-डी और सेवन-डी तकनीक के जरिए रामायण काल की झलक जीवंत रूप में प्रस्तुत की जाएगी। जिससे दर्शन का अनुभव और भी खास बन जाएगा।

अयोध्या में स्थित भव्य राम मंदिर परिसर में तेजी से विकास कार्य चल रहा है। मंदिर निर्माण समिति की बैठक के दूसरे दिन समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने मीडिया से बातचीत में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने बताया कि अब श्रद्धालु डिजिटल माध्यम से भी मंदिर परिसर के सभी 14 मंदिरों में होने वाली पूजा, आरती और श्रृंगार के दर्शन कर सकेंगे।

एक ही स्थान पर बैठकर श्रद्धालु सभी मंदिरों का कर सकेंगे दर्शन

इसके लिए अत्याधुनिक थ्री-डी तकनीक का उपयोग किया जाएगा। रामकथा संग्रहालय की एक विशेष गैलरी में ऐसी वीडियो प्रस्तुति तैयार की जाएगी। जिसमें श्रद्धालु एक ही स्थान पर बैठकर सभी मंदिरों के दर्शन कर पाएंगे। यह अनुभव इतना सजीव होगा कि लोगों को ऐसा लगेगा मानो वे स्वयं वहां मौजूद हों। इस परियोजना को किसी प्रतिष्ठित एजेंसी को सौंपने की योजना है।

500 वर्षों का श्रद्धालु जान सकेंगे इतिहास

रामकथा संग्रहालय में कुल 20 गैलरियों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से दो गैलरियों में पिछले लगभग 500 वर्षों से जुड़े कानूनी और ऐतिहासिक दस्तावेजों को सरल और व्यवस्थित रूप में प्रदर्शित किया जाएगा। एक अन्य गैलरी में खुदाई के दौरान प्राप्त अवशेषों को रखा जाएगा। ताकि आगंतुकों को यह समझने में आसानी हो कि इस स्थान का ऐतिहासिक महत्व क्या रहा है।

गैलरी में पुष्पक विमान की झांकी तैयार की जाएगी

एक गैलरी में पुष्पक विमान की झांकी भी तैयार की जाएगी। श्रद्धालु इसमें बैठकर विशेष अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। सेवन-डी तकनीक की मदद से भगवान श्रीराम की वन गमन यात्रा को जीवंत रूप में दिखाया जाएगा। जहां-जहां भगवान राम के चरण पड़े। उन स्थानों की अनुभूति दर्शकों को कराई जाएगी। इस प्रस्तुति से ऐसा लगेगा जैसे दर्शक स्वयं रामायण काल में पहुंच गए हों।

6 से 9 माह के भीतर पूरा होगा काम

निर्माण समिति के अनुसार, ये सभी कार्य अगले छह से नौ महीनों के भीतर पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है। मंदिर परिसर में निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में है। प्रमुख निर्माण एजेंसियों का कार्य जून तक पूरा होने की संभावना है। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परिसर में तीन अलग-अलग स्थानों पर लॉकर रूम बनाए गए हैं। जहां लोग अपना सामान सुरक्षित रख सकेंगे। गर्मी के मौसम को देखते हुए छाया, पेयजल और विश्राम स्थलों की संख्या बढ़ाने की भी तैयारी की जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि यहां आने वाले हर श्रद्धालु को आस्था के साथ-साथ आरामदायक और आधुनिक सुविधाएं भी मिलें।

Published on:
19 Feb 2026 12:37 pm
Also Read
View All

अगली खबर