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साहब! हम लोग एसओजी और एसटीएफ के अधिकारी बनकर लुटते थे, दो शातिर चढ़े पुलिस के हत्थे, बताई पूरी कहानी

अयोध्या में फर्जी एसओजी और एसटीएफ बनकर लूट करने वाली गैंग का पर्दाफाश हुआ। पुलिस ने बस्ती और अमेठी के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके लूट का तरीका जान कर पुलिस भी दंग रह गई।

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प्रेस वार्ता करते एसपी पकड़े गए आरोपी फोटो सोर्स विभाग

प्रेस वार्ता करते एसपी पकड़े गए आरोपी फोटो सोर्स विभाग

अयोध्या पुलिस ने फर्जी एसओजी/एसटीएफ बनकर यात्रियों और व्यापारियों को अगवा कर लूट करने वाली एक अंतरजनपदीय गैंग का खुलासा किया है। थाना कैण्ट और स्वॉट/सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटी गई संपत्ति, अवैध असलहे और घटना में प्रयुक्त वाहन बरामद किया है।

अयोध्या जिले के थाना कैण्ट में 27 जनवरी 2026 को एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि चार पहिया वाहन से आए अज्ञात बदमाशों ने असलहा दिखाकर उसकी सोने की चेन, हाथ का कड़ा, मोबाइल फोन और घड़ी लूट ली। इस मामले में केस दर्ज किया गया था।

बस्ती और अमेठी के रहने वाले दो शातिर बदमाश गिरफ्तार

15 फरवरी 2026 को संयुक्त टीम ने गोरखपुर-लखनऊ हाईवे किनारे अब्बूसराय गांव के पास से सौरभ पांडेय निवासी बस्ती और महेश सिंह निवासी अमेठी को गिरफ्तार किया। उनके पास से घटना में प्रयुक्त वैगनार कार, दो देशी तमंचा 315 बोर, चार जिंदा कारतूस, सोने की चेन, चांदी का कड़ा और 50 हजार रुपये नकद बरामद किए गए।

पुलिस अधिकारी बताकर बैठे थे गाड़ी में फिर देते लूट की घटना को अंजाम

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका एक सक्रिय गैंग है। पहले वे हाईवे पर खड़े ट्रकों से डीजल चोरी करते थे। लेकिन पकड़े जाने के डर से अब अपहरण और लूट की वारदात करने लगे। वे 5-6 लोगों के साथ मिलकर व्यापारियों या अकेले यात्रियों को निशाना बनाते थे। खुद को पुलिस अधिकारी, एसओजी या एसटीएफ बताकर पीड़ितों को गाड़ी में बैठाते, मारपीट कर डराते और जेवर, मोबाइल व नगदी लूट लेते थे। कई बार वे पीड़ित के मोबाइल से परिजनों को फोन कर खाते में पैसा भी मंगवाते थे।
पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।