
Anganwadi Workers Honorarium Hike UP: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अयोध्या के जीआईसी मैदान में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों और सहायिकाओं को बड़ी सौगात दी। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 8 हजार रुपये से बढ़ाकर 12 हजार रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की। वहीं सहायिकाओं का मानदेय 4 हजार से बढ़ाकर 6 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उनकी सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों और सहायिकाओं के योगदान को लगातार सम्मान दे रही है। उन्होंने याद दिलाया कि 2017 में सरकार बनने से पहले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मात्र 3 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता था, जिसे बढ़ाकर 8 हजार किया गया था। अब इसे 12 हजार रुपये कर दिया गया है। सहायिकाओं का मानदेय भी पहले 1500 रुपये से बढ़ाकर 4 हजार और अब 6 हजार रुपये किया गया है।
मुख्यमंत्री ने तीसरा बड़ा तोहफा देते हुए हर साल 5 लाख रुपये तक के कैशलेस स्वास्थ्य बीमा की घोषणा की। यह सुविधा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और उनके परिवार को मिलेगी। किसी भी इम्पैनल्ड अस्पताल, सरकारी अस्पताल या मेडिकल कॉलेज में गंभीर बीमारी या इलाज की जरूरत पड़ने पर उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश की दो लाख 51 हजार से अधिक आंगनबाड़ी सहायिकाओं के लिए अतिरिक्त साड़ी की व्यवस्था भी की गई। इसके लिए 500 रुपये की धनराशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी गई। करीब 29 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई। सीएम ने कहा कि पहले साड़ी की व्यवस्था थी, अब एक अतिरिक्त साड़ी जोड़ी गई है।
योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की कोरोना महामारी के दौरान की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन कार्यकर्ताओं और आशा वर्करों ने अपनी जान की परवाह किए बिना गांव-गांव जाकर लोगों की सेवा की और महामारी के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में अंबेडकरनगर, अमेठी, बाराबंकी, सुल्तानपुर, बस्ती और गोंडा समेत कई जिलों से हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को बुलाया गया था। मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कार्यकर्ताओं को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए।
यह फैसला प्रदेश की करीब तीन लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मानदेय बढ़ोतरी और स्वास्थ्य सुरक्षा से इन फ्रंटलाइन वर्कर्स के चेहरे खिल उठे हैं। योगी सरकार का यह ऐलान महिलाओं के सशक्तिकरण और ग्रामीण स्वास्थ्य-पोषण व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक और प्रयास है।