- राम मंदिर के लिए भूमि घोटाले मामले में जमीन खरीदने वाले श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और इसे बेचने वाले सुल्तान अंसारी के नाम सुर्खियों में है।
अयोध्या. Ram temple dispute Sultan Ansari Ram Bhakt राम मंदिर के लिए भूमि घोटाले मामले में जमीन खरीदने वाले श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और इसे बेचने वाले सुल्तान अंसारी के नाम सुर्खियों में है। इस मामले में सुल्तान अंसारी ने बेहद संजीदगी के साथ कहाकि, जिस भूमि का ट्रस्ट के साथ एग्रीमेंट किया है, बाजार भाव के हिसाब से उसकी कीमत 25 से 30 करोड़ रुपए थी, किंतु यह भूमि भगवान राम के काम आनी थी इसलिए 18.50 करोड़ रुपए में बेच दी है।
वह भी राम भक्त हैं :- मुस्लिम होने के बावजूद हुए श्रीराम में आस्था के सवाल पर सुल्तान अंसारी ने कहते हैं कि इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। वह राम मंदिर के विरोध की सियासत से भी क्षुब्ध नजर आते हैं। कहते हैं, मंदिर निर्माण कोई जोर-जबर्दस्ती नहीं, बल्कि अदालत के फैसले से हो रहा है और पूरे देश ने इस निर्णय को स्वीकार किया है। सुल्तान अंसारी ने कहाकि, भगवान श्रीराम से उनका अनुराग कोई नया नहीं है। वह भी राम भक्त हैं। राम मंदिर के लिए निधि समर्पण अभियान में उन्होंने 51 हजार रुपए की राशि समर्पित की थी।
आरोप सही नहीं :- सुल्तान अंसारी ने बताया कि, ट्रस्ट की योजना की जानकारी होने पर यह तय कर लिया था कि इस डील को अंजाम तक पहुंचा देना है। भले कीमत कुछ भी मिले। इस डील की सफलता के लिए वे ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय, सदस्य डा. अनिल मिश्र के प्रति आभार भी ज्ञापित करते हैं।और उन पर लगाए जा रहे आरोप सही नहीं हैं।
श्रीराम में आस्था :- सुल्तान बताते हैं कि, श्रीराम में उनकी भी आस्था है। मानवता को रोशन करने वाले ऐसे किरदार में आस्था होनी स्वाभाविक है, जिस पर पूरा देश नाज करता है।