
Iqbal Ansari Statement: 'अयोध्याकी पावन धरती को पूरी दुनिया पवित्र मानती है, लेकिन यहां जो हुआ, वैसा दुनिया में कहीं नहीं हुआ… लोगों ने भगवान राम की मूर्ति से हार और पवित्र खड़ाऊं तक निकाल लिया।' यह बहुत ही गंभीर और तीखा आरोप किसी और ने नहीं, बल्कि बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि केस के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने लगाया है। राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित मामले पर अंसारी का गुस्सा फूट पड़ा है। उन्होंने इस पूरी घटना को बेहद शर्मनाक बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई है कि इस पवित्र जगह पर खेल करने वाले दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा न जाए और उन पर सख्त कानूनी कारवाई की जाए।
भावुक होते हुए इकबाल अंसारी ने कहा कि हम तो हमेशा भगवान राम का सम्मान ही करते रह गए, लेकिन जिन्हें मंदिर की जिम्मेदारी दी गई थी, वही लोग भगवान का हार उतार ले गए। यह बहुत हैरान करने वाली बात है कि भगवान का हार और उनकी चरण पादुका (खड़ाऊं) तक गायब हो गई। जब मैंने यह बात सुनी तो मैं रोता रह गया कि ये लोग तो भगवान को भी नहीं छोड़ने वाले हैं।
अंसारी ने पुरानी कानूनी लड़ाई को याद करते हुए कहा कि पहले उनके पिता ने और फिर उन्होंने खुद इस केस को कोर्ट में लड़ा। लेकिन जब सुप्रीम कोर्ट का फैसला भगवान राम के पक्ष में आया, तो उन्होंने देश के सभी मुसलमानों से कहा था कि वे हिंदू भाइयों की आस्था का सम्मान करें और अयोध्या में मंदिर बनने दें। उन्होंने हमेशा यही माना कि मंदिर बनने से सबका फायदा होगा, क्योंकि सभी लोग भगवान राम का आदर करते हैं।
इकबाल अंसारी ने दुख जताते हुए कहा कि अयोध्या की आस्था पूरे देश और दुनिया में है। यहां दुनियाभर से लोग दर्शन और पूजा करने आते हैं। कल जब मैंने टीवी पर सुना कि भगवान के घर चोरी हो गई, तो मुझे यकीन नहीं हुआ। इतनी कड़ी सुरक्षा होने के बाद भी ये लोग इतनी फुर्सत से भगवान राम का हार चुरा ले गए। पूरी दुनिया में आज तक ऐसा कहीं नहीं हुआ और न ही कभी ऐसी कोई FIR दर्ज हुई है। यह अयोध्या वालों के लिए बहुत बड़ी बदनामी की बात है।
इकबाल अंसारी का कहना है कि जिन लोगों को मंदिर की देखरेख का काम सौंपा गया था, उन्होंने ही भरोसा तोड़ा है। इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की है कि इस पूरे मामले की सही से जांच कराई जाए और जो भी लोग इस शर्मनाक काम में शामिल हैं, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।