
हनुमानगढ़ी मंदिर के मुख्य महंत धर्मदास बाबा | फोटो सोर्स- ANI
Ram Mandir Trust Controversy: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की हेराफेरी (गबन) के आरोपों के बाद मामला काफी गरमा गया है। इस पूरे विवाद पर रामलला के पूर्व वादी और हनुमानगढ़ी मंदिर के मुख्य महंत धर्मदास बाबा ने खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने इस कृत्य को बेहद निंदनीय बताते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। महंत धर्मदास ने साफ कहा कि उन्हें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जांच के लिए बनी SIT टीम पर पूरा भरोसा है।
महंत धर्मदास बाबा ने गबन के आरोपों पर गहरा आक्रोश जताते हुए कहा कि पूरे भारतवर्ष में इससे बड़ा और निंदनीय काम कोई दूसरा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण का हक मारना और साधु-संतों के हिस्से का खाना सबसे बड़ा अपराध है। इतिहास गवाह है कि ब्राह्मण का अहित करके आज तक किसी का भी वंश आगे नहीं बढ़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम जन्मभूमि परिसर में लालच के चलते गलत बहानों से अनगिनत लोगों को नौकरियों पर रख लिया गया और यह खेल बहुत लंबे समय से पर्दे के पीछे चल रहा था।
महंत ने साफ किया कि इस पूरे मामले में राज्य सरकार का सीधे तौर पर कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच के लिए SIT टीम का गठन कर दिया है। उन्होंने भरोसा जताया कि मुख्यमंत्री इस मामले में जरा सी भी ढिलाई नहीं बरतेंगे। महंत ने कहा कि जांच करने वाली टीम पर उन्हें पूरा विश्वास है और सच जल्द ही सबके सामने आएगा। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी चोर को न तो मुख्यमंत्री योगी छोड़ेंगे और न ही भगवान राम बख्शेंगे।
अयोध्या के प्रशासनिक ढांचे पर बात करते हुए महंत धर्मदास बाबा ने वर्तमान 'ट्रस्ट व्यवस्था' पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि अयोध्या की व्यवस्था को केवल ट्रस्ट के भरोसे छोड़ने के बजाय पुरानी और पारंपरिक 'महंत व साधु केंद्रित' व्यवस्था को दोबारा लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोग अयोध्या में भगवान राम का दर्शन करने आते हैं, किसी धर्मदास या चंपत राय को देखने नहीं आते। इसलिए व्यवस्था में बदलाव होना जरूरी है। ट्रस्ट का काम केवल रुपये-पैसे और बजट का प्रबंधन देखना होना चाहिए, न कि यह तय करना कि मंदिर के भीतर पुजारी क्या करेगा और पूजा-पाठ कैसे चलेगा। यह काम साधु-संतों का ही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली और उनके मठ प्रबंधन की तारीफ करते हुए महंत धर्मदास ने कहा कि योगी जी खुद एक बड़े मठ और मंदिर से आते हैं, इसलिए वह अच्छी तरह जानते हैं कि साधु-संत और मंदिर की व्यवस्थाएं कैसे चलाई जाती हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि गोरखपुर के प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर में आज तक कभी एक रुपये की भी चोरी या हेराफेरी की बात सामने नहीं आई है। वहां रोज का हिसाब-किताब बेहद पारदर्शिता से होता है और अगर कोई गलती या गड़बड़ी करने की कोशिश भी करता है, तो वहां के लोग उसे तुरंत सुधार देते हैं।
Updated on:
22 Jun 2026 10:02 am
Published on:
22 Jun 2026 09:38 am
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