
अयोध्या राम मंदिर दान मामले में SIT गठन पर अखिलेश यादव ने उठाए सवाल | फोटो सोर्स- patrika.com
Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश के राम जन्मभूमि दान मामले में SIT के गठन को लेकर अब सियासत पूरी तरह गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस फैसले को लेकर 'डबल इंजन' सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को इस समय विकास और नौकरियों की जरूरत है, लेकिन सरकार हर काम के लिए सिर्फ जांच टीमें बना रही है।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस राज्य में युवाओं के रोजगार के लिए IIT जैसे बड़े संस्थानों को विकसित किया जाना चाहिए था, वहां आज सिर्फ SIT बनाई जा रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह 'डबल इंजन' की सरकार अब पूरी तरह से भ्रष्टाचार के 'डबल टैंक' में बदल चुकी है। चारों तरफ सिर्फ भ्रष्टाचार का बोलबाला है।
अखिलेश यादव यहीं नहीं रुके, उन्होंने इस जांच के दायरे में आने वाले लोगों को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अब इस मामले के नाम पर सरकारी अधिकारी हमारे संतों, महात्माओं, पुजारियों और मंदिरों में दिन-रात पूजा-पाठ करने वाले लोगों की जांच करेंगे।
अखिलेश यादव ने अधिकारियों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि अधिकारियों को पुजारियों और संतों की जांच करने का काम तो दे दिया गया है, लेकिन खुद इन अधिकारियों की जांच कौन करेगा।
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखते हैं कि आगे-आगे देखिए होता है क्या? चढ़ावे से बात चंदे तक पहुंची और चंदे से जमीन तक… जमीन से अति बहुमूल्य अरबों रुपयों की श्रीराम शिलाओं के गायब होने तक।' सपा प्रमुख के इस बयान ने अब इस पूरे विवाद को एक नया मोड़ दे दिया है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को आधार बनाकर अखिलेश यादव ने भाजपा पर हमला और तेज कर दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपाइयों के अनरजिस्टर्ड और अंडरग्राउंड संगी-साथियों की जांच कराई जानी चाहिए। सपा प्रमुख ने मांग की कि अयोध्या के इस 'महापाप और महाघोटाले' के पीछे कौन सा सनातन विरोधी गिरोह काम कर रहा है, इसकी गहरी पड़ताल हो।
Updated on:
16 Jun 2026 05:07 pm
Published on:
16 Jun 2026 04:19 pm
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