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अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद केस अपडेट: आरोपी लवकुश का नया मकान जांच के दायरे में, क्या बोले पड़ोसी?

Ayodhya Ram Mandir Donation Controversy: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद केस में नया अपडेट सामने आया है। आरोपी लवकुश का नया मकान जांच के दायरे में है।
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अयोध्या राम मंदिर विवाद में ताजा अपडेट। फोटो सोर्स-Ai

Ayodhya Ram Mandir Donation Controversy: अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले की जांच लगातार नए पहलुओं तक पहुंच रही है। अब जांच एजेंसियों की नजर इस मामले के आरोपी लवकुश मिश्रा के हाल ही में बने दोमंजिला मकान पर भी टिक गई है। अधिकारियों ने मकान के निर्माण में खर्च हुई राशि, उससे जुड़े दस्तावेज और वित्तीय लेनदेन की जांच शुरू कर दी है। एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि निर्माण में इस्तेमाल धन का स्रोत क्या था और क्या उसका कथित चढ़ावा हेराफेरी मामले से कोई संबंध है।

तेजी से बने मकान ने बढ़ाई जांच एजेंसियों की दिलचस्पी

स्थानीय लोगों के मुताबिक, अयोध्या के शहादतगंज इलाके में स्थित यह मकान बेहद कम समय में तैयार हुआ। आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि करीब तीन से चार महीने के भीतर दोमंजिला भवन लगभग पूरी तरह बनकर तैयार हो गया था। इसी वजह से अब जांच टीम निर्माण की पूरी प्रक्रिया और उससे जुड़े आर्थिक दस्तावेजों की भी बारीकी से पड़ताल कर रही है।

पड़ोसी ने बताया कितना था परिचय

आरोपी लवकुश मिश्रा के पड़ोसी राजकुमार पांडेय ने बातचीत में बताया कि जब से राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया है, तब से पूरे इलाके में इसी की चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि लवकुश का मकान उनके घर के बिल्कुल पास है, इसलिए निर्माण के दौरान सामान्य परिचय हो गया था।

राजकुमार पांडेय के मुताबिक, दोनों के बीच कभी गहरा व्यक्तिगत संबंध नहीं रहा। उन्होंने बताया कि पड़ोसी होने के नाते कभी-कभार मुलाकात हो जाती थी और शाम के समय अभिवादन तक ही बातचीत सीमित रहती थी।

'किसी को देखकर उसके बारे में फैसला नहीं किया जा सकता'

राजकुमार पांडेय ने कहा कि किसी व्यक्ति के बाहरी व्यवहार या सामान्य मुलाकात के आधार पर उसके चरित्र या गतिविधियों का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने कहा कि उनके लिए लवकुश सिर्फ एक पड़ोसी थे और इससे अधिक उनका कोई व्यक्तिगत संबंध नहीं था।

दोषी साबित होने पर सख्त कार्रवाई की मांग

लवकुश मिश्रा पर लगे आरोपों को लेकर उन्होंने कहा कि यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी स्पष्ट कर चुके हैं कि मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है मामला

राजकुमार पांडेय ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है और इसके निर्माण के लिए लोगों ने वर्षों तक संघर्ष और इंतजार किया है। ऐसे में यदि मंदिर से जुड़े दान में किसी तरह की हेराफेरी हुई है तो यह बेहद गंभीर और दुखद विषय है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

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