
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ फोटो सोर्स @myogiadityanath X Account
Ayodhya News: अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने संतों ने राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख संत परमहंस रामचंद्र दास की स्मृति को स्थायी रूप से संजोने की मांग रखी। उनकी पुण्यतिथि पर आयोजित संत सभा कार्यक्रम में राम मंदिर परिसर में उनकी प्रतिमा स्थापित करने की आवाज उठी। संतों ने कहा कि मंदिर आंदोलन को सफलता तक पहुंचाने वाले महापुरुषों के संघर्ष और योगदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना समय की जरूरत है।
अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन से जुड़े एक महत्वपूर्ण नाम को लेकर संतों ने बड़ी मांग उठाई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में आयोजित संत सभा में ब्रह्मलीन परमहंस रामचंद्र दास की प्रतिमा राम मंदिर परिसर में स्थापित करने की मांग की गई। संतों का कहना है कि राम मंदिर आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले महापुरुषों की स्मृतियों को सिर्फ यादों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। बल्कि उनके योगदान को स्थायी रूप से संरक्षित किया जाना चाहिए।
परमहंस रामचंद्र दास की पुण्यतिथि के अवसर पर गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत-महंत, आंदोलन से जुड़े लोग और श्रद्धालु शामिल हुए। सभा में उनके जीवन, तप, संघर्ष और श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में निभाई गई भूमिका को याद किया गया। संतों ने कहा कि परमहंस रामचंद्र दास ने राम जन्मभूमि आंदोलन को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। लंबे संघर्ष और समर्पण के जरिए उन्होंने आंदोलन को मजबूती देने में योगदान दिया। ऐसे में उनकी स्मृति को राम मंदिर परिसर से जोड़ना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक होगा।
सभा में संतों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने मांग रखते हुए कहा कि राम मंदिर परिसर में परमहंस रामचंद्र दास की प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए। इससे मंदिर आंदोलन के इतिहास और उससे जुड़े प्रमुख संतों के योगदान को नई पीढ़ी बेहतर तरीके से समझ सकेगी।
संतों ने केवल परमहंस रामचंद्र दास ही नहीं, बल्कि राम मंदिर आंदोलन से जुड़े अन्य प्रमुख नायकों के योगदान को भी स्थायी रूप से संरक्षित करने की जरूरत बताई। उनका कहना था कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण लंबे संघर्ष का परिणाम है। इस संघर्ष में योगदान देने वाले लोगों की स्मृतियों को सम्मान मिलना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान संतों और श्रद्धालुओं ने परमहंस रामचंद्र दास को श्रद्धांजलि अर्पित की। अब संतों की इस मांग के बाद राम मंदिर परिसर में उनकी प्रतिमा स्थापित किए जाने का मुद्दा चर्चा में आ गया है।
Updated on:
14 Aug 2026 04:04 pm
Published on:
14 Aug 2026 04:04 pm
