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Ram Temple: 45 नहीं अब 180 दिन तक सुरक्षित रहेगी CCTV रिकॉर्डिंग; राम मंदिर के दान पर बढ़ी निगरानी, क्या-क्या हुए बदलाव?

Ram Temple Donation Counting: अयोध्या राम मंदिर में दान की गिनती और नकदी के प्रबंधन की व्यवस्था को और सुरक्षित बनाने के लिए कई बदलाव किए जा रहे हैं। नई जेब रहित यूनिफॉर्म, सख्त फ्रिस्किंग, PTZ कैमरे और 180 दिनों तक CCTV फुटेज सुरक्षित रखने की व्यवस्था लागू की जाएगी।
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अयोध्या राम मंदिर (photo- x @ShriRamTeerth)

Ram Temple Donation Counting: अयोध्यास्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में आने वाले दान की गिनती और उसके प्रबंधन की व्यवस्था में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दान की गिनती की प्रक्रिया में सुरक्षा, निगरानी और जवाबदेही मजबूत करने के लिए कई नए कदम उठाने का फैसला किया है। नई व्यवस्था के तहत दान की गिनती करने वाले कर्मचारियों की यूनिफॉर्म बदली गई है। नई यूनिफॉर्म में जेब नहीं होगी। इसका उद्देश्य गिनती वाले क्षेत्र से नकदी या किसी अन्य सामान को बाहर ले जाने की किसी भी संभावना को खत्म करना है।

दान गिनने वाले कर्मचारियों की बदली गई यूनिफॉर्म

ट्रस्ट ने दान की गिनती में शामिल कर्मचारियों के लिए नई यूनिफॉर्म पहले ही लागू कर दी है। इन यूनिफॉर्म में जेब नहीं रखी गई है।इस बदलाव के पीछे मुख्य उद्देश्य गिनती केंद्र से नकदी या किसी अन्य सामग्री को बाहर ले जाने की संभावना को रोकना बताया गया है।

एंट्री और एग्जिट पर होगी सख्त फ्रिस्किंग

नई व्यवस्था के तहत दान गिनती केंद्र में कर्मचारियों की एंट्री और बाहर निकलने दोनों जगह सख्त फ्रिस्किंग की व्यवस्था लागू की गई है। इससे दान की गिनती से जुड़े कर्मचारियों की आवाजाही पर अधिक नियंत्रण रखने की कोशिश की जा रही है।

45 दिन की जगह 180 दिन तक सुरक्षित रहेगी CCTV फुटेज

दान गिनती केंद्र में CCTV निगरानी को भी मजबूत किया जा रहा है। पहले गिनती कक्ष की CCTV रिकॉर्डिंग 45 दिनों तक सुरक्षित रखी जाती थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 180 दिन किया जाएगा। इससे गिनती प्रक्रिया से जुड़ी गतिविधियों की रिकॉर्डिंग लंबे समय तक उपलब्ध रहेगी।

फिक्स्ड कैमरों की जगह लगेंगे PTZ कैमरे

गिनती केंद्र में लगे फिक्स्ड CCTV कैमरों को अब PTZ यानी Pan, Tilt and Zoom कैमरों से बदला जाएगा। इन कैमरों की मदद से निगरानी करने वाले अधिकारी गिनती कक्ष के अंदर किसी विशेष गतिविधि को जरूरत के मुताबिक जूम करके देख सकेंगे। इससे गिनती प्रक्रिया के दौरान कर्मचारियों की गतिविधियों पर ज्यादा नजर रखी जा सकेगी।

SBI से संविदा कर्मचारियों के इस्तेमाल पर फिर विचार का सुझाव

ट्रस्ट ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को दान की गिनती के काम में संविदा कर्मचारियों के इस्तेमाल पर दोबारा विचार करने की सलाह भी दी है। ट्रस्ट ने सुझाव दिया है कि SBI इस संवेदनशील काम के लिए अपने पेरोल पर मौजूद कर्मचारियों को तैनात करने पर विचार करे और उन्हें बेहतर पारिश्रमिक दिया जाए।

गिनती की प्रक्रिया में ट्रस्ट की निगरानी भी बढ़ेगी

दान की गिनती के अलग-अलग चरणों में ट्रस्ट की निगरानी को भी बढ़ाया जाएगा। इसके तहत प्रक्रिया के विभिन्न स्तरों पर ज्यादा निगरानी रखने की योजना है। इसका उद्देश्य दान की गिनती से लेकर आगे की पूरी प्रक्रिया में अधिक नियंत्रण और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

मंदिर परिसर से SBI शाखा तक नकदी ले जाने का तरीका भी बदलेगा

दान की नकदी को मंदिर परिसर से SBI शाखा तक ले जाने की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के तहत नोटों की गड्डियों को मंदिर परिसर के अंदर ही एक साथ पैक और सुरक्षित किया जाएगा। इसके बाद उन्हें SBI की गाड़ी में लोड किया जाएगा। इस बदलाव का उद्देश्य मंदिर परिसर से बैंक शाखा तक नकदी पहुंचाने के दौरान किसी भी तरह की चोरी या कमी की संभावना को खत्म करना है।

नए CEO के चयन की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में

दान गिनती की व्यवस्था में बदलाव के साथ ही श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ा रहा है। CEO के चयन के लिए बनाई गई सर्च कमेटी ने इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी कर ली है। अंतिम दौर के इंटरव्यू 11 और 12 अगस्त को अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र परिसर में हुए।

3 सदस्यीय सर्च कमेटी ने लिए इंटरव्यू

CEO के चयन के लिए बनाई गई सर्च कमेटी में तीन सदस्य शामिल हैं।

-न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) प्रमोद कोहली

-लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) वी.के. चतुर्वेदी, PVSM, AVSM, SM

-परमाणु वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावरे

कमेटी ने CEO पद के लिए उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया में कई चरणों में स्क्रीनिंग की।

5,585 आवेदनों से 16 उम्मीदवारों तक पहुंची प्रक्रिया

CEO पद के लिए कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 3,877 आवेदनों में विस्तृत CV शामिल थे। जांच के बाद 1,580 उम्मीदवारों का व्यापक मूल्यांकन किया गया। इसके बाद करीब 111 उम्मीदवारों को ऑनलाइन बातचीत के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया। आगे की प्रक्रिया के बाद 16 उम्मीदवारों को अयोध्या में आमने-सामने बातचीत के लिए बुलाया गया।

अलग-अलग क्षेत्रों के पेशेवर उम्मीदवारों में शामिल

अयोध्या में आमने-सामने बातचीत के लिए बुलाए गए उम्मीदवारों में रक्षा, नौकरशाही, कॉरपोरेट, उद्योग, शिक्षा और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र से जुड़े पेशेवर शामिल हैं। उम्मीदवारों का मूल्यांकन कई आधारों पर किया गया।

नेतृत्व से लेकर तकनीकी विशेषज्ञता तक का आकलन

उम्मीदवारों की प्रबंधन क्षमता, बड़े स्तर के आयोजनों और कर्मचारियों को संभालने का अनुभव, नेतृत्व क्षमता, तकनीकी विशेषज्ञता, संवाद कौशल, विजन और रणनीतिक योजना जैसे पहलुओं पर मूल्यांकन किया गया। अब सर्च कमेटी अंतिम उम्मीदवारों का मूल्यांकन करेगी।

ट्रस्ट को भेजे जाएंगे तीन नाम

अंतिम मूल्यांकन के बाद सर्च कमेटी श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को 3 नामों का पैनल सौंपेगी। इसके बाद CEO की अंतिम नियुक्ति का ऐलान ट्रस्ट की ओर से किया जाएगा।

बढ़ते संचालन के बीच दान व्यवस्था में बदलाव

राम मंदिर में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और दान करते हैं। इसी बढ़ते संचालन के बीच ट्रस्ट ने दान की गिनती और उससे जुड़ी पूरी प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए ये बदलाव किए हैं। नई व्यवस्था में दान की गिनती, पैकिंग, CCTV निगरानी और मंदिर परिसर से बैंक तक नकदी के परिवहन को ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने पर जोर दिया गया है।