
चंपत राय पर लगे आरोपों को पड़ोसी का बड़ा दावा (फोटो- पत्रिका)
Ayodhya Ram Mandir Donation Controversy: अयोध्या केराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर देशभर में सियासी घमासान जारी है। मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए बयान भी सामने आ रहे हैं। अब इस विवाद में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के पड़ोसी खुलकर उनके समर्थन में उतर आए हैं। बिजनौर में रहने वाले उनके पड़ोसी ने चंपत राय पर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है।
चंपत राय के पड़ोसी शीतल कुमार अग्रवाल ने कहा कि चंपत राय बंसल पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद और झूठे हैं। उन्होंने इस पूरे विवाद को एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश करार दिया। उन्होंने कहा, "चंपत राय बंसल के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं। यह पूरी तरह राजनीतिक साजिश है।" पड़ोसी का साफ तौर पर मानना है कि चंपत राय की साफ-सुथरी छवि को खराब करने के लिए यह सब जानबूझकर किया जा रहा है।
शीतल कुमार अग्रवाल ने चंपत राय के व्यक्तित्व और उनकी जीवनशैली की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि चंपत राय ने हमेशा से एक बेहद साधारण और सादगी भरा जीवन जिया है। चंपत राय के पड़ोसी ने दावा किया कि वे वर्षों से उन्हें जानते हैं और उन्होंने हमेशा समाज व संगठन के लिए काम किया है। उनका कहना है कि चंपत राय ने कभी भी निजी लाभ या संपत्ति जुटाने की कोशिश नहीं की। इसलिए उन पर लगे आरोप वास्तविकता से बिल्कुल परे हैं।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर फैजाबाद बार एसोसिएशन ने कड़ा रुख अपनाया है। वकीलों ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को 3 दिन के भीतर अयोध्या छोड़ने की चेतावनी दी है। एसोसिएशन ने साफ कहा है कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो अयोध्या में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। चेतावनी दी गई है कि शहर को जाम किया जाएगा और बाहरी लोगों के प्रवेश का भी विरोध किया जाएगा।
पुलिस ने आज यानी सोमवार को ट्रस्ट के महासचिव रहे चंपत राय का बयान भी रिकॉर्ड कर लिया। हालांकि अनिल मिश्रा और गोपाल राव का बयान अभी दर्ज होना बाकी है जो जल्द ही किया जाएगा। पुलिस इस मामले में एक एक करके करीब 140 लोगों के बयान दर्ज करेगी। जांच में यह भी सामने आया है कि करोड़ों रुपये की हेराफेरी केवल गिनती करने वालों के बस की बात नहीं थी। पुलिस और SIT की जांच में बैंक के दो कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध और सक्रिय पाई गई है। जांच एजेंसियों का मानना है कि बैंककर्मियों की मिलीभगत के बिना यह खेल लंबे समय तक संभव नहीं था इसलिए जल्द ही इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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Updated on:
29 Jun 2026 05:50 pm
Published on:
29 Jun 2026 05:50 pm
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