
राम मंदिर (फोटो- पत्रिका)
Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra: राम मंदिर में दान और चंदे की हेराफेरी के मामले में मचे भारी बवाल के बीच अब 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। ट्रस्ट ने एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर हालिया घटनाओं पर गहरा दुख जताया है। इसके साथ ही ट्रस्ट ने करोड़ों राम भक्तों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाते हुए स्पष्ट किया है कि मंदिर को मिला सारा दान और कीमती वस्तुएं पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ट्रस्ट ने महामंत्री चंपत राय और न्यासी अनिल मिश्रा के त्यागपत्र प्राप्त होने की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। विज्ञप्ति में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि ट्रस्ट की आगामी बैठक में इन दोनों त्यागपत्रों पर विचार किया जाएगा।
बयान के मुताबिक अयोध्या राम मंदिर के दानपात्रों से प्राप्त राशि में हुई घटना को लेकर ट्रस्ट ने ही उत्तर प्रदेश सरकार से निवेदन किया था। इसके बाद राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट प्राप्त होने के आधार पर ट्रस्ट ने एफआईआर दर्ज करा दी है। फिलहाल इस मामले में वैधानिक और कानूनी कार्रवाई लगातार जारी है।
राम मंदिर ट्रस्ट ने उन सभी श्रद्धालुओं को आश्वस्त किया है जिन्होंने चांदी की ईंटें आभूषण और अन्य कीमती वस्तुएं प्रभु श्रीराम की सेवा में ट्रस्ट के अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से सौंपी हैं। ट्रस्ट का कहना है कि ये सभी वस्तुएं पूरे हिसाब किताब के साथ पूरी तरह सुरक्षित रखी गई हैं और घबराने की कोई बात नहीं है।
ट्रस्ट ने विश्वास दिलाया है कि भविष्य में ऐसी कोई भी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति दोबारा नहीं बनेगी। अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने की प्रतिबद्धता जताते हुए ट्रस्ट ने कहा है कि असामाजिक और स्वार्थी तत्वों द्वारा सनातन धर्म पर लांछन लगाने के किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने दिया जाएगा। इसके साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि वे भ्रामक और निराधार अफवाहों से बचें और किसी के बहकावे में न आएं।
Updated on:
27 Jun 2026 05:35 pm
Published on:
27 Jun 2026 05:09 pm
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