अयोध्या

नूरपुर-कैराना उपचुनाव में करारी हार के बाद बीजेपी को एक और झटका, 2019 के चुनाव को लेकर अयोध्या के संतो ने की बड़ी घोषणा

नूरपुर कैराना उपचुनाव में हार से नाराज अयोध्या के संतो ने 2019 के चुनाव में सरकार ना बना पाने की घोषणा कर दिया
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Updated: 1 Jun 2018, 12:27 PM IST
bjp
नूरपुर-कैराना उपचुनाव में करारी हार के बाद बीजेपी को एक और तगड़ा झटका, 2019 के चुनाव को लेकर अयोध्या के संतो ने की बड़ी घोषणा

अयोध्या. उत्तर प्रदेश के उपचुनाव नूरपुर और कैराना में भारतीय जनता पार्टी के बड़ी हार के बाद अयोध्या के संतो ने मोदी के कार्यों पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए 2019 में केंद्र में सरकार न बना पाने की घोषणा कर दी। यह घोषणा उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बेहद करीबी माने जाने वाले महंत सुरेश दास ने की और बताया कि 2014 में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के साथ कई अन्य कार्यो करने की घोषणा की थी। लेकिन अभी तक कोई भी कार्य नहीं किया गया। इस कारण उत्तर प्रदेश में हो रहे उपचुनाव में हार का असर दिख रहा है।

जनता ने बीजेपी को झूठ बोलने का सिखाया सबक

दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास ने केंद्र सरकार के कार्यो पर ऊँगली उठाते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश के गोरखपुर व फूलपुर में हुए उपचुनाव में हार के बाद नूरपुर और कैराना के उप चुनाव में भाजपा के बड़ी करारी हार मिली है। अब इसका असर 2019 के लोकसभा चुनाव में पड़ेगा क्योकि अभी तक केंद्र सरकार में बैठे नरेंद्र मोदी द्वारा 2014 में किये गए किसी भी वादे पूरा नहीं किया है। अयोध्या में राम जन्म भूमि का निर्माण करने की बात कही थी, लेकिन आज तक इस पर चर्चा भी नहीं किया। वहीं कश्मीर से 370 हटने की बात कही और देश में एक सामान्य कानून बनाने बताया था, जो कि नहीं किया गया। अब जनता समझ चुकी है कि भाजपा के लोग झूठ बोलते हैं।सबसे बड़ा कारण है कि इनको घमण्ड हो गया था कि हमें कोई हरा नहीं सकता है। लेकिन यह भूल गए हैं कि ये भारत देश है। यहाँ की जनता ने इनको सबक सीखा दिया कि यह मत समझना कि हार नहीं होगी। अब सभी पार्टियां संगठित हैं और संगठन का बहुत प्रभाव पड़ता है, जिसके कारण आने 2019 के चुनाव में भाजपा की सरकार नहीं बन सकती है।

बीजेपी अपने मूल सिद्धांतो गई है भूल

वहीं भारतीय जनता पार्टी के सांसद राम विलास दास वेदांती ने कहा कि भाजपा के लोग अपने सिद्धांत को भूल गए हैं। इसका परिणाम उपचुनाव में दिख रहा है। अगर भाजपा अपने सिद्धांतों पर नहीं आती है, तो आगे उसका भविष्य ठीक नहीं दिखाई देगा। भाजपा ने अपने लोगों को बहिस्कृत रखा है। ऐसे लोगों को सजोने का कार्य करने तक जितने भी बाहर से लोग आये थे, सभी फिर वापस चले जा रहे हैं। नूरपुर और कैराना में हुए परिणाम के बाद भाजपा के पुराने लोगों को जोड़ने का कार्य जल्द करना चाहिए नहीं तो आगे अभी उसका गलत परिणाम हो सकता है।

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