दोनों देशों के अटूट संबंध के लिए अयोध्या से जनकपुर बस सेवा शुरू करनी चाहिए थी.
सत्य प्रकाश.
अयोध्या. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जनकपुर से अयोध्या के लिए बस सेवा का शुभारंभ करने पर अयोध्या के संतों ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम दूल्हे के रूप में बारातियों के साथ जनकपुर पहुंचे थे, तो देश के प्रधानमंत्री को भी अयोध्या की इस परंपरा को निभाते हुए दोनों देशों के अटूट संबंध के लिए अयोध्या से जनकपुर बस सेवा शुरू करनी चाहिए थी। संतों ने मोदी को भगवान राम के दर्शन के लिए अयोध्या आने के लिए आमंत्रित किया।
अयोध्या से शुरू किया जा सकता था यह बस सेवा-
भारत और नेपाल के संबंधों को मजबूत करने के लिए बस सेवा का देश के प्रधान मंत्री ने जनकपुर से अयोध्या के लिए शुभारंभ नेपाल के जनकपुर से किया, तो वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या में जनकपुर से आये लोगों का स्वागत अयोध्या में करेंगे। वही संतो ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के इस कार्य को सहरानीय माना, लेकिन प्रधानमंत्री द्वारा जनकपुर से इस बस सेवा के शुभारम्भ को सही नहीं बताया।
राम जन्मभूमि के पुजारी सतेन्द्र दास ने कहा कि अयोध्या और जनकपुर का संबंध भगवान राम और माता सीता के विवाह उपरांत हुआ था। इस संबंध को लेकर अयोध्या के संत प्रतिवर्ष निर्वहन कर रहे हैं। प्रतिवर्ष अयोध्या से जनकपुर तक लोग राम विवाह उत्सव मनाने के लिए जाते हैं। इसलिए इस बस सेवा को अयोध्या से शुभारम्भ करना ही सही था। मोदी ने अयोध्या ना आ पाने के कारण यह कार्य जनकपुर से किया। आज जिसके कारण मोदी का शासन सत्ता में है, उसी से दूरी बनाए हुए हैं। आज देश के प्रधानमंत्री बने पांच वर्ष हो रहे है, लेकिन अयोध्या से दूर रहे। इसलिए मोदी को अयोध्या आना जरूरी है।
संतों ने कहा जल्द पहुंचे मोदी अयोध्या-
संत समिति के अध्यक्ष कन्हैया दास ने बताया कि अयोध्या और जनकपुर का एक मधुर रिश्ता है और इस बस सेवा से यह और मजबूत बनेगा । मोदी जी जिस तरह माता सीता के दर्शनों के लिए जनकपुर पहुंच गए हैं, वैसे ही अब भगवान राम के दर्शन भी करना जरूरी है। इसलिए अब अयोध्या के संत मोदी को अयोध्या आने का भी निमंत्रण दे रहे हैं। इस कार्य के लिए देर नहीं होने चाहिए।