अयोध्या

Ayodhya Sawan Jhula Mela: अयोध्या में आज से सावन झूला मेला, 10 लाख भक्तों की भीड़; राम मंदिर में पहली बार होगा ये खास आयोजन!

Ayodhya Sawan Jhula Mela2026: अयोध्या में आज से सावन झूला मेला शुरू हो रहा है। 15 से 28 अगस्त तक चलने वाले इस मेले में 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। मणिपर्वत पर राम-सीता का झूला विहार होगा। वहीं राम मंदिर में कुबेर नवरत्न टीला पर विशेष झूलनोत्सव और सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए हैं।
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Aug 15, 2026
Ayodhya
राम मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ फोटो सोर्स पत्रिका

Ayodhya Sawan Jhula Mela: अयोध्या में सावन झूला मेले का आगाज शनिवार से हो रहा है। 15 से 28 अगस्त तक चलने वाले इस धार्मिक उत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। मेले के पहले दिन मणिपर्वत पर भगवान राम-सीता का झूला विहार होगा। अयोध्या के अलग-अलग मंदिरों से 11 झांकियां मणिपर्वत पहुंचेंगी। इस बार 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। राम मंदिर में भी शनिवार से विशेष झूलनोत्सव शुरू होगा।

अयोध्या में सावन झूला मेला शनिवार से शुरू हो रहा है। 15 अगस्त से शुरू होकर यह धार्मिक आयोजन 28 अगस्त तक चलेगा। सावन शुक्ल तृतीया से शुरू होने वाले इस मेले को अयोध्या के प्रमुख धार्मिक उत्सवों में गिना जाता है। मेले में देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। प्रशासन के मुताबिक इस बार 10 लाख से अधिक भक्त अयोध्या पहुंच सकते हैं।

मेले के पहले दिन मणिपर्वत पर विशेष आयोजन

अयोध्या धाम के अलग-अलग मंदिरों से 11 झांकियां निकाली जाएंगी। ये झांकियां विभिन्न रास्तों से होते हुए मणिपर्वत पहुंचेंगी। यहां भगवान राम और माता सीता का झूला विहार कराया जाएगा। सावन के दौरान अयोध्या के मंदिरों में झूलनोत्सव की विशेष परंपरा है। इस दौरान मंदिरों में भगवान के विग्रह को झूले पर विराजमान कर विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। अयोध्या के प्रमुख मंदिरों में भी सावन मेले की खास रौनक देखने को मिलेगी। श्रीराम जन्मभूमि, कनक भवन, राजा दशरथ महल, अशर्फी भवन, राम वल्लभा कुंज, रंग महल, जानकी महल, राज सदन और मणिराम दास जी की छावनी समेत कई मंदिरों में झूलनोत्सव आयोजित होगा।

राम मंदिर में इस बार खास व्यवस्था

राम मंदिर में भी शनिवार से झूलनोत्सव शुरू होगा। सुरक्षा कारणों से इस बार भगवान झूला बिहारी को मणिपर्वत ले जाने के बजाय कुबेर नवरत्न टीला पर झूलन विहार कराया जाएगा। यहां पेड़ की डाल पर पहली बार झूला लगाया गया है। खास बात यह है कि श्रद्धालु भी भगवान को झूला झुला सकेंगे। मंदिर की परंपरा के अनुसार सावन में यह उत्सव विशेष महत्व रखता है।

छह जोन और 29 सेक्टर में मेला क्षेत्र

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। मणिपर्वत क्षेत्र को एक जोन और पांच सेक्टर में बांटा गया है। वहीं पूरे मेला क्षेत्र को छह जोन और 29 सेक्टर में विभाजित किया गया है। सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। एएसपी, डीएसपी, इंस्पेक्टर, दरोगा और पुलिसकर्मियों के साथ महिला पुलिसकर्मी भी ड्यूटी पर रहेंगी। इसके अलावा पीएसी की 10 कंपनी, आरएएफ की दो कंपनी, एटीएस कमांडो की एक टीम और एसडीआरएफ की दो टीमें तैनात रहेंगी।

मणिपर्वत पर विशेष निगरानी

सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से पूरे क्षेत्र पर नजर रखी जाएगी। पुलिस का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ उनकी सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। प्रशासन को उम्मीद है कि सावन झूला मेले के दौरान अयोध्या में भक्ति और उत्सव का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।

Updated on:
15 Aug 2026 10:20 am
Published on:
15 Aug 2026 10:20 am
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