अयोध्या को वर्ल्ड क्लास आध्यात्मिक नगरी के रूप में विकसित करने की योजना पर सीएम योगी आदित्यनाथ कई योजनाओं की कर रहे निगरानी,
अयोध्या. राम मंदिर में दिसंबर 2023 तक भगवान श्री रामलला अपने गर्भगृह में विराजमान होंगे और अगले 2 वर्षों में मंदिर निर्माण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसको देखते हुए यूपी के योगी सरकार ने अयोध्या को एक आध्यात्मिक नगरी के रूप में विकसित करना चाहती है। इसके लिए कई परियोजनाओं का कार्य कर रही है। जिसमे कई योजनाओं का निगरानी सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर रहे हैं।
अयोध्या के विकसित करने के लिए प्रस्तावित है कई योजना
अयोध्या को विकसित किये जाने की योजना में नव्य अयोध्या, भगवान श्री राम की बड़ी प्रतिमा स्थापित किये जाने के साथ पर्यटको के लिए सुविधा युक्त बनाना, मल्टीनेशन पार्किंग, श्रीराम एयरपोर्ट, सहित कई योजनाएं प्रस्तावित है मिली जानकारी के मुताबिक सरकार की योजना 2024 लोकसभा चुनाव से पहले अयोध्या को एक वर्ल्ड क्लास टाउन के रूप में विकसित करने का है। इसके साथ ही अयोध्या को विकसित करने के लिए तैयार किए गए कि यह डॉक्यूमेंट में 235 विकास संबंधित योजनाएं प्रस्तावित है जिसमें कम से कम 71 प्राथमिकता वाली योजना है जिसकी देखरेख मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं कर रहे हैं।
चौड़ी सड़कें और श्रद्धालुओं की सुविधा युक्त बनेगी अयोध्या नगरी
उत्तर प्रदेश में दूसरी बार सत्ता में लौटने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या की विकास संबंधित योजनाओं को लेकर पर्यटन व धार्मिक विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। साथ ही अयोध्या में बढ़ते श्रद्धालुओं की संख्या और वीवीआईपी के आगमन को लेकर सुरक्षा का प्लान तैयार किया है सुरक्षा की दृष्टि से अयोध्या में शीशी टीवी कैमरे लगाए जाने की योजना पर कार्य चल रहा है। वहीं अयोध्या में एक पीएससी व एसटीएफ की ईकाई स्थापित का भी निर्णय लिया है। तो वहीं अयोध्या के सड़क चौड़ीकरण योजना सहादतगंज से नया घाट, सुग्रीव किला से राम जन्मभूमि व श्रृंगार घाट, हनुमानगढ़ी से राम जन्मभूमि तक जाने वाले मार्ग के चौड़ीकरण करने का आदेश दिया है। इसको लेकर भी अयोध्या में कार्य शुरू कर दिया गया है।