अयोध्या

राम की नगरी में गूंजे नमो बुद्धाय के नारे आस्था और श्रद्धा से भरे श्रद्धालु पहुंचे अयोध्या

Buddha Purnima 2018 : बैशाखी पूर्णिमा तिथि पर धार्मिक नगरी के मंदिरों में उमड़ा जन सैलाब कतारबद्ध श्रद्धालुओं ने किया राम लला का दर्शन

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Apr 30, 2018
Hanuman Gadhi Faizabad

अयोध्या : मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन जन्मस्थली धार्मिक नगरी अयोध्या में बुद्ध पूर्णिमा पर्व पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी , सोमवार की सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही धार्मिक नगरी अयोध्या के किनारे बहने वाली पुण्य सलिला सरयू नदी के तट पर आस्था और श्रद्धा से घनीभूत श्रद्धालु पवित्र नदी के पावन सलिल में पुन्य की डुबकियां लगते नज़र आये . पवित्र सरयू में स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने सरयू तट के किनारे बने प्राचीन नागेश्वर नाथमंदिर में जलाभिषेक कर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया . दर्शन पूजन के क्रम में पूरी आस्था और श्रद्धा के साथ श्रद्धालुओं ने अयोध्या के अन्य मंदिरों में भी दर्शन पूजन किया . बुद्ध पूर्णिमा के पावन पर्व पर अयोध्या के अन्य मंदिरों में श्री राम जन्म भूमि हनुमान गढ़ी और कनक भवन पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा . प्रसिद्द सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी परिसर के पीछे अपने बच्चों का मुंडन संस्कार कराने वाले लोगों की कतार लगी रही .

बैशाखी पूर्णिमा तिथि पर धार्मिक नगरी के मंदिरों में उमड़ा जन सैलाब कतारबद्ध श्रद्धालुओं ने किया राम लला का दर्शन

बैशाखी पूर्णिमा तिथि पर भगवान बुद्ध का जन्मोत्सव मनाया जाता है जिसके कारण आज का दिन बहुत ही शुभ माना जाता है . इसी महत्व के चलते आज अयोध्या में भारी भीड़ रही . राम नगरी पहुचे श्रद्धालुओ ने सरयू में स्नान कर नगर के प्रमुख मंदिर नागेश्वर नाथ , हनुमान गढ़ी , कनक भवन , राम जन्मभूमि पर पूजा पाठ किया .वहीँ भगवान्आ बुद्ध के अनुयायियों ने विशेष पूजा पद्धति से भगवान बुद्ध की पूजा अर्चना की . आज के दिन सरयू नदी में स्नान कर पूजा पाठ करने के महत्व को बताते हुए ओम प्रकाश पाण्डेय ने कहा कि आज वैशाख शुक्ल पूर्णिमा है जिसे बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाता है . आज ही भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था और भगवान बुद्धा का अयोध्या से आध्यात्मिक जुड़ाव रहा है . आज के दिन सरयू नदी में स्नान कर दान पुण्य करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है जिसको लेकर सरयू में स्नान कर सरयू तट पर स्थित नागेश्वर नाथ में जलाभिषेक तथा उसके बाद हनुमानगढ़ी कनक भवन सहित अन्य मंदिरों में पूजा पाठ करते हैं.

Published on:
30 Apr 2018 04:05 pm
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