रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद के बाद प्रदेश सरकार अयोध्या के विकास की कार्ययोजना तैयार कर रही है
अयोध्या. रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद (Ayodhya Verdict) के बाद प्रदेश सरकार अयोध्या के विकास की कार्ययोजना तैयार कर रही है। इसके अंतर्गत अयोध्या के 14 कोसी परिक्रमा मार्ग को राजमार्गों की तरह चौड़ा किया जाएगा। इससे अयोध्या सहित चार जिलों के विकास को गति मिलेगी। इलाहाबाद में फाफामऊ सेतु के साथ ही अयोध्या-जगदीशपुर मार्ग को चार लेन बनाने का काम जल्द शुरू करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। अयोध्या के साथ ही मथुरा के 84 कोसी परिक्रमा मार्ग को भी फोर लेन बनाने की तैयारी है। पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव नितिन रमेश गोकर्ण के मुताबिक जहां पर फोर लेन बनाने की जगह नहीं मिलेगी वहां सड़क को अधिकतम सीमा तक चौड़ा किया जाएगा।
चार जिलों के विकास को मिलेगी गति
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या (Keshav Prasad Maurya) ने अयोध्या सहित मथुरा, काशी और प्रयागराज की सड़क परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। मौर्या ने मथुरा में 84 कोसी परिक्रमा मार्ग पर पड़ने वाली अन्य विभाग की सड़कों चौड़ा कर बेहतर बनाने के निर्देश दिए। इस रोड पर ब्रज विकास परिषद से प्रकाश व्यवस्था और अन्य सुविधाओं का विकास किया जाएगा। यह फोर लेन मार्ग होगा। इसके निर्माण कार्य को जल्द ही पूरा किया जाएगा। इसके अलावा अयोध्या से चित्रकूट तक 300 किलोमीटर लंबा फोर लेन राम वनगमन मार्ग बनाने का निर्णय लिया गया है।
कांवर पथ बनाए जाने की योजना
यूपी सरकार प्रयागराज से बाबा विश्वनाथ (वाराणसी) तक कांवर पथ बनाएगी। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने कहा कि प्रयागराज से काशी तक कांवर मार्ग बनाने के साथ ही राम वन गमन मार्ग, फाफामऊ सेतु, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे, अयोध्या-जगदीशपुर मार्ग फोरलेन करने व 11 नव घोषित राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी सरकार फोकस कर रही है।