अयोध्या के सड़क चौड़ीकरण योजना से प्रभावित हो रहे व्यापारियों ने प्रशासन पर आरोप, व्यापारियों के साथ हो रहा अन्याय अब लेंगे मृत्यु
अयोध्या. भगवान राम का मंदिर निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है और 2023 तक भगवान राम लला भव्य मंदिर में विराजमान होंगे, ऐसे में श्रद्धालुओं का जनसैलाब भी उमड़ेगा, जिसके लिए सभी प्रमुख मार्ग चौड़े किए जा रहे हैं। ऐसे में अब चौड़ीकरण के जद में लगभग 700 से ज्यादा अयोध्या के प्रमुख मार्केट की दुकानें आ रही हैं, जिसके विरोध में व्यापारी लगातार विरोध कर रहे हैं, प्रदर्शन के दौरान प्रशासन से संतोष जनक जबाब न मिलने पर व्यापारियों ने राष्ट्रपति से सामूहिक इच्छा मृत्यु की मांग की है।
प्रशासन पर लगाया व्यापारियों पर आरोप
इच्छा मृत्यु की मांग कर रहे व्यापारियों ने बताया कि अयोध्या में रामलला के मंदिर निर्माण के निमित्त दर्शन मार्ग और मुख्य मार्ग को चौड़ी करण किया जाना है जिसका टेंडर प्रक्रिया भी 25 सितंबर को होना है। ऐसे में दुकानदारों को पूर्व में प्रशासन के द्वारा आश्वासन दिया गया था, कि उनको दुकान के बदले दुकान दी जाएगी, उनके रोजगार की व्यवस्था पहले की जाएगी। लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी ना तो प्रशासन कोई संतोषजनक जवाब दे रहा है और ना ही व्यापारियों के विस्थापन की कोई व्यवस्था जिसको लेकर लगातार विरोध करने के बाद भी जब व्यापारियों को कहीं नहीं सुनी गई तो अंत में उन्होंने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर सामूहिक इच्छामृत्यु की मांग की है।
सरयू नदी में कूदकर जान देने की चेतावनी
महिला व्यापारी कमला देवी ने शासन प्रशासन को चेतावनी देते कहा कि हमारे पास और कोई व्यवस्था नहीं है वही घर और वही दुकान है अगर सब कुछ डोलकर में ले रहे हैं तो हम अपने परिवार के बच्चों को कहां से पढाएंगे और कहां से भोजन खिलाएंगे। आज बैंक से हमने कर्जा ले रखा है आवाज योगी मोदी की सरकार हमें घर से बेघर कर रहा है तो हम कहां से जाएंगे जबकि हमारा और कहीं कोई घर यह दुकान नहीं है इसी दुकान से कमाते खाते और अपना परिवार चलाते हैं। अगर सरकार ध्यान नहीं देती है तो हम अपने बच्चों के साथ सरयू जी में कूदकर जान दे देंगे। हमारे पास और कोई चारा नही है।