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14,500 की नौकरी और बना ली करोड़ों की संपत्ति! राम मंदिर चढ़ावा जांच में बड़े खुलासे

Ayodhya Ram Mandir Donation Scam : अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का बड़ा खुलासा! 14,500 रुपये की नौकरी करने वाले कर्मचारी 5 साल में बने करोड़ों के मालिक। SIT जांच में करीब 200 करोड़ के घोटाले की आशंका, कई कर्मचारी रडार पर।

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Shri Ram Mandir Ayodhya

Shri Ram Mandir Ayodhya : कैसे 14,500 रुपए की सैलरी वालों ने बना ली करोड़ों की संपत्ति, PC- IANS

अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दानपात्रों से चढ़ावे की राशि के चोरी का मामला सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, चोरी की राशि 200 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। इस मामले में नोट गिनने वाले करीब 50 कर्मचारी जांच के दायरे में हैं। पुलिस और जांच एजेंसियों ने अब तक 5 कर्मचारियों से लगभग 2 करोड़ रुपये नकद, एक कार और 3 आईफोन बरामद किए हैं।

जांच में तेजी, SIT गठित

मामले की गंभीरता को देखते हुए 4 दिन पहले दिल्ली से एक IPS अधिकारी विशेष विमान से अयोध्या पहुंचे। उन्होंने श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के पदाधिकारियों से मुलाकात कर प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार की। राज्य सरकार ने इसकी जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) गठित कर दी है, जो 15 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया

रामलला के गर्भगृह और दर्शन पथ के पास रखे दानपात्रों से निकाली गई नकदी को मंदिर परिसर के अंदर एक गोपनीय कक्ष में ले जाया जाता है। सुरक्षा कारणों से इस कमरे की लोकेशन अत्यंत गुप्त रखी जाती है और बाहरी लोगों का प्रवेश पूर्ण रूप से वर्जित है।

तीन श्रेणियों में बंटे रहते हैं कर्मचारी

  1. 24 कर्मचारी - नोट गिनकर बंडल बनाने का काम (प्राइवेट एजेंसी के माध्यम से ट्रस्ट द्वारा नियुक्त)।
  2. 12 कर्मचारी - ट्रस्ट के स्थायी कर्मचारी, जो ऊपर वाले 24 कर्मचारियों की निगरानी करते हैं (1:2 अनुपात)।
  3. 14 कर्मचारी - SBI के कर्मचारी और TCS की ऑडिट टीम।

प्राइवेट एजेंसी के अधिकांश कर्मचारियों को मात्र 14,500 रुपये मासिक वेतन मिलता है।

5 साल में करोड़पति बन गए मंदिर के कई कर्मचारी

मामले की शुरुआत तब हुई जब कुछ कर्मचारियों की 5 साल में करोड़ीपति बनने की कहानी सामने आई। इनकी जीवनशैली में अचानक आई भारी बदलाव (महंगी गाड़ियां, जमीन-जायदाद) ने शक पैदा किया। जब मंदिर प्रशासन ने इनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया, तो रामकोट मोहल्ले के एक कर्मचारी ने इसे सार्वजनिक कर दिया।

  • रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव : चंपत राय (ट्रस्ट महासचिव) के सहयोगी। पहले ऑटो चलाते थे। अब अयोध्या और लखनऊ में करीब 50 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति सामने आई है। इनमें एयरपोर्ट के पास 70 कमरों वाला हॉस्टल, 3 रेस्टोरेंट में पार्टनरशिप, लखनऊ में फॉर्च्यूनर कार और मकान शामिल हैं।
  • मनीष यादव (टिन्नू के भतीजे): 36 लाख रुपये नकद बरामद। मंदिर परिसर में ही पूछताछ चल रही है।
  • केडी तिवारी: सोने-चांदी के जेवर संभालने की जिम्मेदारी। 1.5 करोड़ की जमीन और कुल 5 करोड़ रुपये की संपत्ति का आरोप। उन्होंने दावा किया है कि जो कुछ है, वह परिवार की कमाई से है। उनके दो बेटे सेना/IB और UP पुलिस में हैं।
  • राजेश पाठक: पिछले 5-6 साल में जीवनशैली में उल्लेखनीय बदलाव।
  • अनुकल्प मिश्रा: अयोध्या में 65 लाख रुपये का घर खरीदा। गांव में फार्म हाउस। भागवत कथा में वैभव प्रदर्शन किया।
  • लवकुश: पहले कार मैकेनिक। मंदिर नौकरी के बाद आर्थिक स्थिति सुधरी। घर से 10 लाख रुपये बरामद। फैजाबाद में मकान बनवा रहे हैं।

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