
अयोध्या . शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शनिवार को अपने अयोध्या यात्रा के दूसरे दिन भी मोदी सरकार पर जमकर बसरे। उन्होंने मंदिर पर अपनी प्रतिबद्धता को साफ करते हुए केंद्र सरकार से कहा कि चाहे कानून बनाए या अध्यादेश लाए लेकिन अयोध्या में मंदिर जल्द बनना चाहिए। रविवार सुबह रामलला के दर्शन पूजन के बाद उद्धव पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टियां चुनाव के समय राम-राम करती हैं और फिर बाद में आराम से बैठ जाती हैं।
उद्धव ने नरेंद्र मोदी सरकार को घेरते हुए कहा कि मंदिर नहीं बना सकते तो जनता से कहो कि हमसे नहीं हो पाएगा। हर बार चुनाव जीतने की लालसा से मंदिर का मामला नहीं उठाओ। देश के करोड़ों हिन्दुओं ने यह सरकार मार खाने के लिए नहीं बनाई थी। अगर ये सरकार मंदिर नहीं बनाएगी तो कौन बनाएगा? अगर मामले में अदालत को ही फैसला करना है तो भाजपा से क्या लेना देना। 15-15 लाख हर खाते में आने की तरह एक बार बोल दो की भाइयों और बहनों हमें माफ करो, मंदिर भी हमारा एक चुनावी जुमला था। ठाकरे ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि चुनाव से पहले बीजेपी ने कहा था कि मंदिर बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। आप सिर्फ चुनाव से पहले ये बात करते हैं। अगर मामला कोर्ट में होने की बात कर रहे तो लोगों से साफ कह दें कि मंदिर भी सिर्फ चुनावी जुमला था। आप लोगों से कह दें कि आपसे नहीं हो पाएगा। हिंदुओं की भावनाओं से खिलवाड़ न करें। मंदिर बनाने के लिए कुछ भी करिए। उन्होंने कहा कि आज की सरकार ताकतवर है, अगर ये सरकार मंदिर नहीं बनाएगी तो कौन बनाएगा। अगर सरकार मंदिर नहीं बनाएगी तो मंदिर तो बनेगा लेकिन फिर सरकार नहीं बनेगी।
संतों का आशीर्वाद मिला
ठाकरे ने कहा कि संतों ने मुझे आशीर्वाद दिया है। मैंने उनको (साधु-संतों) कहा कि जो काम हम शुरू करने वाले हैं (राम मंदिर निर्माण), वह उनके आशीर्वाद के बिना पूरा नहीं हो सकता है। मेरे अयोध्या आने के पीछे कोई भी छिपा हुआ एजेंडा नहीं है। मैं दुनियाभर के तमाम भारतीओं और हिंदुओं की भावनाओं को व्यक्त करने आया हूं। सभी राम मंदिर ? निर्माण का इंतजार कर रहे हैं। मैंने सुना था कि मुख्यमंत्री योगी जी ने कहा है कि मंदिर था, है और रहेगा। यह तो हमारी धारणा है, हमारी भावना है। दुख इस बात का है कि वो दिख नहीं रहा है, वो मंदिर दिखेगा कब? जल्द से जल्द उसका निर्माण होना चाहिए।
मन्दिर नहीं जेल की अनुभूति हुई
एक सवाल के जवाब उन्होंने कहा कि दर्शन के समय मन बहुत व्याकुल हुआ। राम जन्मभूमि के दर्शन के लिए जाते वक्त उन्हें लगा कि वह जेल में जा रहे हैं। हमारे आराध्य संगीनों के साए में कब तक रहेंगे। करोड़ों लोगों की आस्था के प्रतीक भगवान राम टेंट में हैं और उनके नाम पर लोग सत्ता भोग रहे हैं। मैं फिर कहता हूं अयोध्या में मंदिर निर्माण की तारीख का ऐलान होना चाहिए। कहा कि आज अयोध्या में मैं रामलला के दर्शन से व्याकुल हो गया हूं। वहां पर हमको मंदिर नहीं जेल की अनुभूति हुई है। करोड़ों के ईष्ट देव जेल समान पहरे में हैं। इसको देखकर आत्मा बेहद द्रवित हो गई है। अब तो मंदिर निर्माण की तारीख घोषित हो।
सरकार बने या न बने राम मंदिर जरूर बनेगा
कहा कि अगर मंदिर न बना तो 2019 में सरकार नहीं बनेगी। इस मुद्दे पर अगर सरकार अध्यादेश लाएगी तो शिवसेना उसका पूरा समर्थन करेगी। वहीं, उत्तर भारतीयों पर महाराष्ट्र में हो रहे हमले पर ठाकरे ने ऐसी बातों से इनकार किया है। ठाकरे ने ये भी कहा कि सरकार बने या न बने राम मंदिर जरूर बनेगा।