अयोध्या

‘वेतनभोगी साधु की भक्ति की बराबरी नहीं कर सकता’, राम मंदिर के CEO पर हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास का बड़ा बयान

Ram Mandir Latest News: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले CEO जीतेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास का बड़ा बयान सामने आया है। जानिए उन्होंने पहले CEO को लेकर क्या-कुछ कहा...
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Sep 03, 2026
Mahant Raju Das, Akhilesh Yadav, Samajwadi Party, UP Politics, UP News
महंत राजू दास (फोटो- ANI)

Mahant Raju Das Statement on Ram Mandir CEO: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मिल गया है। भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को यह अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। ट्रस्ट की उच्च स्तरीय बैठक में उनके नाम पर मुहर लगने के बाद अब अयोध्या के संतों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। हनुमानगढ़ी के चर्चित महंत राजू दास ने नए CEO की नियुक्ति पर अपनी राय रखते हुए ट्रस्ट के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रख दी हैं।

‘वेतनभोगी कर्मचारी साधु की बराबरी नहीं कर सकता’

महंत राजू दास ने सेवानिवृत्त एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर अपनी बेबाक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, "एक वेतनभोगी कर्मचारी कभी भी उस प्रकार की पूजा और भक्ति की बराबरी नहीं कर सकता जो एक साधु भगवान को अर्पित करता है।" उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भगवान की पूजा की व्यवस्था व्यावसायिक या कृत्रिम बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। यह पूरी तरह से सच्ची निष्ठा और समर्पण की भावना पर आधारित होनी चाहिए।

ट्रस्ट के सामने रखी यह मांगे

नए CEO के कार्यभार संभालने के मौके पर महंत राजू दास ने राम मंदिर ट्रस्ट से कई अहम गुजारिश की हैं। उन्होंने अनुरोध किया कि ट्रस्ट को अयोध्या आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त भोजन की व्यापक व्यवस्था करनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि ट्रस्ट को अयोध्या के स्थानीय संतों के लिए रामलला के दर्शन की विशेष और सुलभ सुविधा भी प्रदान करनी चाहिए ताकि उन्हें भगवान के दर्शन में कोई असुविधा न हो।

जर्जर मंदिरों और गौशालाओं को गोद ले ट्रस्ट

महंत राजू दास ने अयोध्या के संरक्षण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि रामनगरी में कई गौशालाएं हैं जिन्हें उचित देखभाल की सख्त आवश्यकता है। राम मंदिर ट्रस्ट को आगे आकर इन गौशालाओं को गोद लेना चाहिए और उनका प्रबंधन करना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने बताया कि संसाधनों की भारी कमी के कारण अयोध्या के कई प्राचीन मंदिर जर्जर या पूरी तरह से खंडहर हो चुके हैं। ट्रस्ट को ऐसे बेसहारा मंदिरों को भी गोद लेकर उनके रखरखाव की जिम्मेदारी उठानी चाहिए।

ये होंगी राम मंदिर के CEO की जिम्मेदारी

गौरतलब है कि अयोध्या में हर दिन भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। राम मंदिर की लगातार बढ़ती व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए ही ट्रस्ट ने पहली बार सीईओ का पद बनाया है। नए सीईओ जीतेंद्र मिश्रा अब मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था श्रद्धालुओं की बुनियादी सुविधाओं सुरक्षा से जुड़े समन्वय और मंदिर से जुड़े अलग अलग प्रोजेक्ट्स के प्रबंधन की अहम कमान संभालेंगे ताकि सब कुछ व्यवस्थित तरीके से हो सके। महंत राजू दास ने एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति का स्वागत करते हुए देश के लिए ऑपरेशन सिंदूर में उनके अहम योगदान की सराहना की। साथ ही कहा कि देश की सेवा करने के बाद अब रामलला के दरबार में काम करने का अवसर मिलना उनके लिए बड़े सौभाग्य की बात है।