बाबरी मस्जिद मामले में पक्षकार रहे इकबाल अंसारी का कहना है कि मेरे ही मुकदमे में सर्वोच्च न्यायालय ने धन्नीपुर में बाबरी मस्जिद तामीर करने के लिए भूमि उपलब्ध कराई है। फिर भी बनने वाली मस्जिद की निर्माण समिति में मुझे कोई स्थान नहीं दिया गया है।
Ayodhya Dhannipur Masjid: 22 जनवरी को अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा करने आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुस्लिम समुदाय ने रौनाही के धन्रीपुर गांव में मस्जिद की बुनियाद रखने की जो मांग उठाई है। उससे बाबरी मस्जिद मुकदमे के पक्षकार रहे इकबाल अंसारी किसी प्रकार का सरोकार नहीं रखते हैं। उनका कहना है कि हमारे पूर्वज बाबरी मस्जिद की लड़ाई लड़ते रहे और मैं भी पिता के बाद पक्षकार बनकर मुकदमे की पैरवी करता रहा। मेरे ही मुकदमे में सर्वोच्च न्यायालय ने धन्नीपुर में बाबरी मस्जिद तामीर करने के लिए भूमि उपलब्ध कराई है। फिर भी धन्नीपुर में बनने वाली मस्जिद की निर्माण समिति में मुझे कोई स्थान नहीं दिया गया है। उनका कहना है कि मेरी दिल्ली इच्छा थी कि जिस प्रकार से मेरे पूर्वजों वह मैंने खुद बाबरी मस्जिद का मुकदमा लड़ा। इस प्रकार मंदिर तामीर करने वाली कमेटी में यदि मुझे भी स्थान मिला होता तो मुझे काफी खुशी होती। यह विचार इकबाल अंसारी ने आज बातचीत के दौरान अपना दुख प्रकट करते हुए कहीं।
उन्होंने कहा कि मुझे जितना तवज्जो हिंदू समाज की ओर से मिल रहा है उतना मुस्लिम समाज की ओर से नहीं मिला है। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि मुझे प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में आमंत्रण मिलेगा तो मैं उसमें शामिल होने के लिए जाऊंगा। मेरा बड़ा भाग्य होगा कि मैं इस एक नेक काम में शामिल रहूंगा। इससे पहले भी राम मंदिर के शिला न्यास के समय भी मुझे आमंत्रित किया गया था। आशा है कि प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में भी मंदिर निर्माण समिति की ओर से मुझे आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बन रहा है ।इससे अच्छी और कौन बात हो सकती है ।लोग यहां पूजन करने आते हैं। मोदी जी भी आएंगे और भगवान राम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा करेंगे। यह एक बहुत अच्छी बात है।