अयोध्या

अयोध्या मामले में सुनवाई पूरी, मुस्लिम पक्षकारों ने सुन्नी वक्फ बोर्ड के केस वापस लेने पर दिया बहुत बड़ा बयान

अयोध्या मामले की 40 दिन की सुनवाई आखिरकार बुधवार को खत्म हो गई। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।

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Oct 16, 2019
ayodhya case
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अयोध्या. अयोध्या मामले की 40 दिन की सुनवाई आखिरकार बुधवार को खत्म हो गई। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब इस मामले में आगे बहस नहीं होगी। वहीं अब उम्मीद लगाई जा रही है कि 23 दिन के बाद फैसला आ सकता है। 17 नवम्बर को सुप्रीम कोर्ट अपना आखिरी फैसला सुना सकता है। इस बीच प्रदेश भर में अयोध्या विवाद में उत्‍तर प्रदेश सुन्‍नी सेंट्रल वक्‍फ बोर्ड द्वारा दायर केस को वापस लेने की खबर ने तलहका मचा दिया। बताया गया कि सुन्नी वक्‍फ बोर्ड ने मध्‍यस्‍थता पैनल के माध्यम से इस केस को वापस लेने का हलफनामा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया। जसमें सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि वह राम जन्‍मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद से जुड़ा अपना केस वापस लेना चाहता है। हालांकि खबर की चर्चा तेज होने के बाद मुस्लिम पक्षकारों ने इसकी किसी भी प्रकार की जानकारी होने से इंकार कर दिया और इसे अफवाह करार दिया। मामले के मुस्लिम पक्षकार हाजी महबूब ने सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की ओर से 2.77 एकड़ विवादित जमीन पर अपना दावा छोड़ने संबंधी किसी तरह के नए हलफनामा देने से इंकार किया है। उनका कहना है कि कोर्ट में सुनवाई का बुधवार को आखिरी दिन है। बोर्ड की ओर से कोई हलफनामा पेश नहीं किया गया है। कुछ लोग अफवाह फैला रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला होगा मंजूर- इकबाल अंसारी
वहीं मामले में मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से सुलह-समझौता कमेटी में सदस्य नामित किए गए वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीराम पंचू को हलफनामा देकर सुन्नी सेंट्रल बोर्ड की ओर से दावा छोड़ने की बात सामने आई है, लेकिन इसका कोई मतलब नहीं है। सुप्रीम कोर्ट में ऐसा कुछ भी दायर नहीं हुआ है, यह अफवाह है। हम सुप्रीम कोर्ट का फैसला ही मानेंगे। साथ ही इकबाल अंसारी के वकील वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता एमआर शमशाद ने बताया कि पिछले दो महीनों में सुन्‍नी वक्‍फ बोर्ड के रवैये में बदलाव आया था। उन्‍होंने बताया कि इस मामले में कुल छह मुस्लिम पक्षकार हैं, जिनमें से सुन्‍नी वक्‍फ बोर्ड भी एक था।

केस वापस लेने की कोई सूचना नहीं - वक्‍फ बोर्ड के वकील
उत्‍तर प्रदेश सुन्‍नी सेंट्रल वक्‍फ बोर्ड के वकील जफरयाब जिलानी ने बताया कि केस वापस लेने के बोर्ड के फैसले की जानकरी फिलहाल उन्हें नहीं है। उन्‍होंने बताया कि उन्‍हें वक्‍फ बोर्ड ने केस वापस लेने की कोई सूचना नहीं दी है। आपको बता दें कि अयोध्‍या में रामजन्‍मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में आठ मुस्लिम पक्षकारों ने केस दायर किए हैं। जिसमें से मुख्‍य पक्षकार सुन्‍नी वक्‍फ बोर्ड की ओर से दो केस दायर किए गए हैं।

Published on:
16 Oct 2019 04:21 pm
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