
Ayodhya Ram Mandir Donation Theft: अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक के बाद राम मंदिर से जुड़े बड़े घटनाक्रम सामने आ रहे हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास ने मंगलवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि ट्रस्ट की सोमवार को हुई बैठक में पूर्व महासचिव चंपत राय के खिलाफ किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं पाई गई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मंदिर को अब तक मिले सोने-चांदी के सभी दान पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनका पूरा हिसाब मौजूद है।
एएनआई से बातचीत में महंत दिनेंद्र दास ने बताया कि बैठक में शुरुआत में ट्रस्टी चंपत राय को पद पर बनाए रखने के पक्ष में थे, क्योंकि उनके खिलाफ कोई ठोस गड़बड़ी साबित नहीं हुई थी। हालांकि कानूनी सलाह के बाद उनका इस्तीफा स्वीकार करने का निर्णय लिया गया।
दास ने बताया कि राम लला से जुड़े सभी प्रमुख लोग बैठक में मौजूद थे और यह प्रस्ताव स्वीकार किया गया। उन्होंने कहा कि चंपत राय पर ट्रस्ट को कोई दोष नहीं मिला, लेकिन चूंकि उन्होंने पहले ही लिखित इस्तीफा दे दिया था, इसलिए सभी ने उसे स्वीकार करने पर सहमति जताई। उन्होंने बताया कि जन्मभूमि मामले की पैरवी कर रहे वकील के पास एक फोन आया था कि चूंकि लिखित इस्तीफा दिया जा चुका है, इसलिए उसे स्वीकार किया जाना चाहिए। दास के मुताबिक, ट्रस्टियों ने सहमति जताई कि यदि प्रशासन या अदालत लिखित इस्तीफा स्वीकार करने की बात कहती है तो सभी को इसे मानना होगा।
राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़े गंभीर आरोपों पर बात करते हुए दास ने सोने-चांदी के दान गायब होने के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि जिन गंभीर आरोपों से लोगों को दुख पहुंचा, खासकर सोने-चांदी के दान को लेकर, उसमें सारा सोना-चांदी सुरक्षित रखा हुआ है और उसका पूरा हिसाब मौजूद है, जिसकी पूरी रिपोर्ट भी दी जा चुकी है।
महंत दिनेंद्र दास ने बताया कि चंपत राय के स्थान पर अब कृष्ण मोहन को नियुक्त किया गया है, जो ट्रस्ट के कामकाज की पूरी निगरानी करेंगे। उन्होंने कहा कि केशव मोहन अब सभी खातों की सुरक्षित देखभाल कर रहे हैं और नवनियुक्त सदस्य आगे की सभी प्रक्रियाओं को संभालते हुए पूरा हिसाब-किताब उपलब्ध कराते रहेंगे।
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब एक दिन पहले ही ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने घोषणा की थी कि चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी जांच के बीच बुलाई गई ट्रस्ट बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए हैं।