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अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी: शौचालय में छिपाते थे नोटों की गड्डियां, CCTV के सामने बन जाते थे ‘इंसानी दीवार’

Ram Mandir Donation Controversy: अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी कांड में पुलिस की पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। जानिए कैसे चोरों ने शौचालय को बनाया पैसा छुपाने का अड्डा। जानें पूरा मामला...
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अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले में आरोपी अविनाश शुक्ला ने किए चौंकाने वाले खुलासे | फोटो सोर्स- patrika.com

Ram Mandir Donation Case Update: राम मंदिर चंदा चोरी मामले में बेहद हैरान करने वाला खुलासा हुआ है। मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला ने माना है कि वे लोग मंदिर के शौचालय में नोटों की गड्डियां छिपाते थे और सीसीटीवी के आगे इंसानी दीवार बनाकर चोरी करते थे। पुलिस ने इस शातिर गैंग का पर्दाफाश करते हुए अब तक 79.85 लाख रुपये कैश, विदेशी करेंसी और जेवरात बरामद कर सभी 8 आरोपियों को जेल भेज दिया है।

शौचालय बना चोरों का सेफ हाउस

पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी चंदे के पैसों को सीधे बाहर नहीं ले जाते थे। पकड़े जाने के डर से वे चोरी किए गए कैश को सबसे पहले मंदिर परिसर के अंदर बने शौचालय में जाकर छिपा देते थे। इसके बाद जब भी मौका मिलता या सुरक्षाकर्मियों की नजर हटती, तो वे धीरे-धीरे थोड़े-थोड़े पैसे को परिसर से बाहर निकाल लेते थे। पुलिस अब इस पूरे रूट की जांच कर रही है और वहां काम करने वाले सफाई कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है।

सीसीटीवी को चकमा देने के लिए बनाई इंसानी दीवार

यह कोई अचानक की गई चोरी नहीं थी, बल्कि इसके लिए आरोपियों ने बकायदा पूरी प्लानिंग की थी। उन्होंने नोट गिनने वाली जगह के नक्शे, CCTV कैमरों की पोजीशन और स्टाफ के आने-जाने के समय को अच्छी तरह समझ लिया था। जब एक आरोपी नोटों की गड्डियां पार कर रहा होता था, तो बाकी के आरोपी उसके चारों तरफ इस तरह खड़े हो जाते थे कि सीसीटीवी कैमरे में कुछ दिखाई न दे। कैमरों के इस ब्लाइंड स्पॉट और इंसानी दीवार का फायदा उठाकर ही वे इस चोरी को अंजाम देते थे।

कमरे की चाबी का क्या है राज?

अविनाश शुक्ला ने पुलिस को बताया कि चंदे के नोट गिनने वाले कमरे की सुरक्षा बहुत सख्त होती थी और इसकी दो चाबियां थी। नियम के हिसाब से एक चाबी बैंक के अफसरों के पास होनी चाहिए थी, लेकिन दूसरी चाबी टिन्नू के पास रहती थी। हैरान करने वाली बात यह है कि टिन्नू का कैश गिनने के काम से कोई सीधा संबंध ही नहीं था।

प्रॉपर्टी और हॉस्टल्स में लगाया चोरी का पैसा

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर चोरी का यह पैसा कहां काम लिया गया? पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने इस घोटाले के पैसों को जमीन खरीदने, हॉस्टल्स बनाने और शानदार मकानों में इन्वेस्ट किया है। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों की डिटेल और प्रॉपर्टी के दस्तावेजों को खंगाल रही है, जिससे कि यह पता लगाया जा सके कि उनके पास उनकी कमाई से ज्यादा संपत्ति कहां से आई।

जानिए किस आरोपी से क्या मिला

पुलिस ने इस मामले में अब तक कुल 79.85 लाख रुपये कैश, 1,121 अमेरिकी डॉलर और सोने-चांदी के गहने बरामद किए हैं। सबसे ज्यादा रिकवरी मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला के पास से हुई है, जिसके पास से 20.39 लाख रुपये कैश, 1,121 अमेरिकी डॉलर, दो सोने की चेन, एक अंगूठी और चांदी का सामान मिला है। इसके अलावा करुणेश पांडेय के पास से 18.07 लाख रुपये, अनुकल्प मिश्रा के पास से 16.82 लाख रुपये और लव कुश मिश्रा के घर से 14.25 लाख रुपये बरामद हुए हैं। वहीं रमाशंकर मिश्रा के पास से 7.32 लाख रुपये, मनीष यादव से 2 लाख रुपये और रमाशंकर यादव उर्फ तिन्नू से 1 लाख रुपये का कैश जब्त किया गया है।

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