Ram Navami 2026: रामनवमी पर अगर आप अयोध्या जाने का प्लान बना रहे हैं। तो संतों की ये यह अपील जरूर जान ले। उनका कहना है कि इस बार चैतराम नवमी का पर्व अपने घर पर ही मनाएं। आइये जानते हैं, संतों ने ऐसी अपील क्यों की?
Ram Navami 2026: उत्तर प्रदेश में एलपीजी की कमी अब अयोध्या तक पहुंच गई है। जिससे घरेलू और कमर्शियल गैस की सप्लाई प्रभावित हो रही है। रामनवमी के पहले हालात को देखते हुए संतों ने श्रद्धालुओं से अपील की है, कि वे इस बार अयोध्या आने के बजाय अपने घरों में ही भगवान राम का जन्मोत्सव मनाएं। ताकि व्यवस्थाएं बिगड़ें नहीं।
Ram Navami 2026: रामनगरी अयोध्या में इन दिनों गैस सिलेंडर की कमी एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। घरेलू ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति भी प्रभावित हो चुकी है। जिसका सीधा असर यहां के आश्रमों, मंदिरों और सार्वजनिक रसोइयों पर पड़ रहा है। खासकर रामनवमी जैसे बड़े पर्व से पहले यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है।
तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने इस मुद्दे पर गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि पिछले करीब तीन महीनों से उनके आश्रम में नियमित रूप से गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। इसके चलते रोजाना बनने वाले भोजन और प्रसाद की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि आश्रमों में हर दिन हजारों श्रद्धालुओं के लिए खाना तैयार किया जाता है। लेकिन गैस की कमी से यह काम अब मुश्किल हो गया है।
परमहंस आचार्य ने कहा कि अगर समय रहते गैस की आपूर्ति सुचारू नहीं हुई। तो रामनवमी पर आने वाले श्रद्धालुओं को भोजन जैसी बुनियादी सुविधा भी नहीं मिल पाएगी। इससे श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से इस समस्या को गंभीरता से लेने और जल्द समाधान करने की मांग की है।
स्थिति को देखते हुए उन्होंने राम भक्तों से अपील की है कि इस बार वे अयोध्या आने से बचें और अपने घरों में ही भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनाएं। उनका कहना है कि ऐसा करने से न सिर्फ व्यवस्था पर दबाव कम होगा। बल्कि सभी को सुरक्षित और सुचारू रूप से पर्व मनाने में मदद मिलेगी।
बताया जा रहा है कि गैस की कमी के चलते कई सार्वजनिक रसोइयों और किचनों को फिलहाल बंद करना पड़ा है। कई जगहों पर सूचना बोर्ड लगा दिए गए हैं। जिनमें स्पष्ट लिखा है कि गैस सप्लाई सामान्य होने के बाद ही भोजन व्यवस्था दोबारा शुरू की जाएगी। इससे साफ है कि अगर जल्द हालात नहीं सुधरे, तो आने वाले दिनों में मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।