अयोध्या

Ram Temple CEO Selection: राम मंदिर के पहले CEO के लिए तीन नामों की सिफारिश, बुधवार को ट्रस्ट लेगा अंतिम फैसला

Ram Temple CEO Selection: अयोध्या में राम मंदिर के पहले CEO के चयन के लिए तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने तीन नामों की सिफारिश ट्रस्ट को सौंप दी है। 5,585 आवेदनों से शुरू हुई प्रक्रिया में 108 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया और 17 को फिजिकल इंटरैक्शन के लिए बुलाया गया, जिनमें 16 शामिल हुए। अब बुधवार को ट्रस्ट की बैठक में अंतिम फैसला होगा।
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Sep 01, 2026
Ayodhya Ram Temple
अयोध्या राम मंदिर। (photo- x@RamJanmbumi)

Ram Temple CEO Selection: अयोध्या में राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने CEO पद के लिए तीन नामों की सिफारिश श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी है। अब इन नामों पर अंतिम फैसला मंदिर ट्रस्ट करेगा। ट्रस्ट की बैठक बुधवार को होने वाली है। इसी बैठक में CEO के चयन को लेकर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।

3 सदस्यीय कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट

राम मंदिर के CEO के चयन के लिए बनाई गई 3 सदस्यीय सर्च कमेटी में रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी, पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हावरे और रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली शामिल थे। कमेटी ने अपनी चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद मंगलवार को अपनी रिपोर्ट श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी। रिपोर्ट में 3 नामों की सिफारिश की गई है, जिन्हें कमेटी ने CEO पद के लिए सबसे उपयुक्त माना है।

बुधवार को ट्रस्ट की बैठक, नाम पर लगेगी मुहर

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने सर्च कमेटी के सदस्यों के प्रयासों के लिए उनका आभार जताया। उन्होंने कहा कि कमेटी ने चयन प्रक्रिया में काफी मेहनत की है और ट्रस्ट बोर्ड की बुधवार को होने वाली बैठक में उसकी सिफारिशों पर विचार किया जाएगा। CEO के नाम की घोषणा के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह ट्रस्ट के फैसले पर निर्भर करेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि बैठक के बाद नाम की घोषणा हो सकती है, लेकिन अंतिम निर्णय ट्रस्ट ही लेगा।

5,585 आवेदन मिलने से शुरू हुई चयन प्रक्रिया

रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली ने CEO चयन की पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 11 से 18 जुलाई के बीच कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। उन्होंने कहा कि सभी आवेदनों की जांच करना एक बड़ा काम था। इसके बाद 19 जुलाई को कमेटी की बैठक हुई और आवेदकों की पात्रता के आधार पर छंटनी के लिए गूगल फॉर्म (Google Form) तैयार करने का फैसला लिया गया।

600 अंकों का बनाया गया गूगल फॉर्म

जस्टिस कोहली के मुताबिक, उम्मीदवारों के लिए 600 अंकों का गूगल फॉर्म तैयार किया गया। इसे सभी आवेदकों को भेजा गया था। कुल 5,585 आवेदनों में से 3,570 उम्मीदवारों ने जवाब दिया। इसके बाद इन जवाबों की भी जांच की गई। कमेटी ने तय किया था कि 60 प्रतिशत से ज्यादा अंक हासिल करने वाले उम्मीदवारों को आगे की प्रक्रिया के लिए विचार में लिया जाएगा।

470 या उससे ज्यादा अंक पाने वाले 108 उम्मीदवार

अगले चरण में 108 उम्मीदवारों को अलग किया गया। इन उम्मीदवारों ने 600 में से 470 या उससे अधिक अंक हासिल किए थे। इसके बाद कमेटी ने इन 108 उम्मीदवारों के साथ चार दिनों तक वर्चुअल बातचीत की। इस प्रक्रिया के बाद 17 उम्मीदवारों को अयोध्या धाम में आमने-सामने बातचीत के लिए बुलाया गया।

तीन नामों को सबसे उपयुक्त माना

सर्च कमेटी ने पूरी प्रक्रिया के बाद तीन नामों की सिफारिश की है। जस्टिस कोहली के मुताबिक, कमेटी ने उम्मीदवारों की दृष्टि, मुद्दों की समझ और भगवान राम के प्रति उनकी भक्ति जैसे पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इन तीन लोगों को सबसे उपयुक्त माना। अब इन तीन नामों पर अंतिम फैसला श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को लेना है।

‘पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद जरूरी’

रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली ने चयन प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता और निष्पक्षता को बेहद जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि कमेटी के अन्य सदस्यों के साथ उन्हें भी इस कार्य का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है। अब सभी की नजर बुधवार को होने वाली ट्रस्ट की बैठक पर है, जिसमें CEO पद के लिए सर्च कमेटी की सिफारिशों पर विचार किया जाएगा और अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

Updated on:
01 Sept 2026 04:48 pm
Published on:
01 Sept 2026 04:48 pm
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