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‘संतों की आवाज दबाने का प्रयास? अयोध्या में चढ़ावे की चोरी पर उठे सवालों से सहमा प्रशासन!’, कांग्रेस ने भाजपा को घेरा

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपों को लेकर संतों की बैठक पर विवाद हो गया। UP कांग्रेस ने पुलिस घेराबंदी और संतों को रोकने पर सरकार को घेरा है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
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अयोध्या

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Ankit Sai

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Updated: 26 Aug 2026, 8:38 AM IST

Ram Mandir

अयोध्या राम मंदिर (photo- x @ShriRamTeerth)

Ram Mandir Donation Theft: अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित विवाद और गबन के खिलाफ आवाज उठा रहे साधु-संतों पर पुलिस प्रशासन की सख्ती को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (UP Congress) ने भारतीय जनता पार्टी और राज्य सरकार के खिलाफ हमला बोला है। संतों की बैठक में पुलिस-LIU की घेराबंदी और महामंडलेश्वर कंप्यूटर बाबा सहित कई संतों को रोके जाने की खबर के बाद कांग्रेस ने सरकार की नीयत और पारदर्शी शासन के दावों पर कड़े सवाल खड़े किए हैं।

यूपी कांग्रेस ने सोशल मीडिया "X" पर लिखा कि संतों की आवाज दबाने का प्रयास? अयोध्या में चढ़ावे की चोरी पर उठे सवालों से सहमा प्रशासन! अयोध्या में चढ़ावे की चोरी के खिलाफ आवाज उठाने के लिए एकजुट हुए कंप्यूटरबाबा समेत तमाम संतों को प्रशासन द्वारा नजरबंद किए जाने की खबर बेहद निंदनीय है। संतों का यह आक्रोश पूरी तरह जायज है कि जिस प्रदेश की कमान एक संत के हाथ में होने का दावा किया जाता है, उसी रामनगरी में आज साधु-संतों को अपनी बात रखने और मीटिंग करने से रोका जा रहा है। मंदिरों और चढ़ावे की पवित्रता पर सवाल उठाने वालों को घेरने के बजाय, प्रशासन का संतों के आश्रमों की घेराबंदी करना और उन्हें बाहर न निकलने देना लोकतंत्र और संत समाज का सीधा अपमान है। "जब रामलला के दरबार में ही दान-चंदे की रक्षा की गुहार लगाने वाले संतों की आवाज दबाई जाएगी, तो आम जनता को न्याय की उम्मीद कहां से होगी?"

बैठक में पुलिस और एलआईयू की मौजूदगी पर विवाद

मंगलवार को अयोध्या में कंप्यूटर बाबा की अध्यक्षता में संत समाज की बैठक हुई। बैठक में राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित विवाद पर चर्चा की जानी थी। संतों के मुताबिक, बैठक स्थल पर अयोध्या पुलिस और एलआईयू के जवान पहुंच गए। इसके बाद वहां मौजूद संतों और पुलिस के बीच तनातनी की स्थिति बन गई।

संतों ने आरोप लगाया कि उन्हें चढ़ावे के कथित विवाद पर चर्चा करने से रोका गया। बैठक स्थल से मीडिया कर्मियों को बाहर किए जाने को लेकर भी विवाद हुआ।

सीबीआई जांच की मांग

बैठक में शामिल संतों ने राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। कंप्यूटर बाबा समेत संतों ने सीबीआई जांच की मांग भी रखी। उनका आरोप है कि एसआईटी की जांच में छोटे आरोपियों पर कार्रवाई हुई, जबकि प्रभावशाली लोगों को बचा लिया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

संतों ने चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

एक लाख संतों के साथ आंदोलन का ऐलान

बैठक के बाद कंप्यूटर बाबा ने कथित चढ़ावा विवाद को लेकर आंदोलन की बात कही। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर एक लाख संतों के साथ अयोध्या पहुंचकर आंदोलन किया जाएगा। संत समाज की ओर से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने की भी बात कही गई है।

संतों ने कहा कि वे रामलला के दर्शन करेंगे और चढ़ावे से जुड़े विवाद को लेकर भगवान श्रीराम से क्षमा मांगेंगे। वहीं, कांग्रेस ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे संतों की आवाज दबाने का प्रयास बताया है।