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राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद पर रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार को SC से बड़ी राहत, SC ने दी गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा

Journalist Abhishek Upadhyay: सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार अभिषेक उपाध्याय को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दे दी है। राम मंदिर डोनेशन विवाद पर रिपोर्टिंग के बाद दर्ज FIR को लेकर उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
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Ram Mandir donation controversy

राम मंदिर डोनेशन विवाद: फोटो में पत्रकार अभिषेक उपाध्याय। (सोर्स: लाइव लॉ और ani एक्स स्क्रीनशॉट)

Ram Mandir Donation Controversy: राम मंदिर डोनेशन (चढ़ावा चोरी) से जुड़े विवाद पर रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार अभिषेक उपाध्याय को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उन्हें फिलहाल गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दी है। मामला गाजियाबाद में दर्ज एक FIR से जुड़ा है। उपाध्याय ने आरोप लगाया है कि यह केस उनकी पत्रकारिता को लेकर उन्हें परेशान करने और डराने के लिए दर्ज किया गया था।

SC ने UP पुलिस को दिया FIR की कॉपी देने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को इस मामले की सुनवाई हुई। ‘चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया’ सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने पत्रकार को अंतरिम सुरक्षा दी। बेंच में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल थे। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस को निर्देश दिया कि FIR की एक कॉपी अभिषेक उपाध्याय को दी जाए। कोर्ट ने उन्हें FIR रद्द कराने और दूसरी जरूरी राहत के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट जाने को भी कहा है। दरअसल, उपाध्याय ने गाजियाबाद पुलिस की FIR को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। यह FIR रोड-रेज की घटना से जुड़ी है।

पत्रकार ने लगाए गंभीर आरोप

याचिका के मुताबिक, पुलिस ने आरोप लगाया है कि रोड-रेज की घटना के बाद उपाध्याय ने एक व्यक्ति पर हमला किया और उसे धमकी दी। हालांकि, पत्रकार ने इन आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि पूरा मामला मनगढ़ंत है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी स्वतंत्र पत्रकारिता के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

उपाध्याय का यह भी दावा है कि पुलिस ने मांग के बावजूद उन्हें FIR की कॉपी नहीं दी। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि पुलिस आसपास के दुकानदारों पर CCTV फुटेज डिलीट करने का दबाव बना रही थी। पत्रकार ने FIR रद्द करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने जांच को उत्तर प्रदेश पुलिस से हटाकर किसी दूसरी एजेंसी को सौंपने की मांग की है।

राम मंदिर डोनेशन रिपोर्टिंग का भी है कनेक्शन

बता दें अभिषेक उपाध्याय ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले डोनेशन और उसके प्रबंधन में कथित गड़बड़ियों को लेकर रिपोर्टिंग की थी। इसी दौरान मंदिर के चंदे से जुड़े आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिकाएं दाखिल की गई। इनमें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कथित वित्तीय मामलों की स्वतंत्र जांच की मांग की गई।

याचिकाओं में दान की रकम के संग्रह, हिसाब-किताब और इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए गए हैं। कुछ याचिकाकर्ताओं ने CBI जैसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग भी की है। उपाध्याय का दावा है कि उनके खिलाफ दर्ज FIR को उनकी पत्रकारिता के संदर्भ में भी देखा जाना चाहिए। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम राहत के बाद उन्हें गिरफ्तारी से सुरक्षा मिल गई है। आगे की राहत के लिए उन्हें इलाहाबाद हाई कोर्ट का रुख करना होगा

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