
SAD BJP Alliance (Photo-ANI)
SAD BJP Alliance: चंडीगढ़। पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के बीच गठबंधन और 'बड़े भाई' की भूमिका को लेकर राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर अकाली दल ने स्पष्ट किया है कि कोई भी समझौता पंजाब के हितों के आधार पर होगा, वहीं सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) ने दावा किया है कि राज्य में भाजपा का खाता भी नहीं खुलेगा।
होशियारपुर में शिरोमणि अकाली दल के उपाध्यक्ष संजीव तलवार ने गठबंधन की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी के सभी फैसले लेने का पूरा अधिकार अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के पास है। हालांकि, उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता महसूस करती है कि मौजूदा सरकार को हटाने में अकाली दल और भाजपा का गठबंधन ही सक्षम है। लेकिन अकाली दल एक क्षेत्रीय पार्टी के रूप में राज्य के हितों की रक्षा के लिए हमेशा अग्रणी रहा है। तलवार ने कहा कि यदि पार्टी अध्यक्ष भाजपा के साथ गठबंधन करते हैं, तो वह पंजाब-केंद्रित विशिष्ट मुद्दों और एक साझा एजेंडे पर आधारित होगा। ऐसे में 'बड़ा पार्टनर' या 'छोटा पार्टनर' कौन होगा, यह सवाल ही पैदा नहीं होता।
दूसरी तरफ, पंजाब सरकार में मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध ने भाजपा और अकाली दल के संभावित गठबंधन की अटकलों पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहे बड़े भाई की भूमिका निभाए या छोटे भाई की, चाहे वह 117 सीटों पर लड़े या 17 सीटों पर, पंजाब में उसे 'जीरो' सीटें ही मिलने वाली हैं। मंत्री सोंध ने किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि डेढ़ साल तक किसानों, माताओं और बहनों के साथ जो रवैया अपनाया गया और जिसमें करीब 700 किसान शहीद हुए, उसे पंजाब की जनता भूली नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा किस मुंह से पंजाब में सीटें जीतने की उम्मीद कर रही है।
Updated on:
25 Aug 2026 03:58 pm
Published on:
25 Aug 2026 03:58 pm
