
महाराष्ट्र के आदिवासी विकास मंत्री अशोक उइके (फोटो - आईएएनएस)
Ashok Uike on Rahul Gandhi: महाराष्ट्र में आदिवासी छात्रों के छात्रावासों से जुड़े विवाद में सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। आदिवासी विकास विभाग की ओर से जारी 30 साल की उम्र सीमा वाले नियम पर रोक लगा दी गई है। महाराष्ट्र के आदिवासी विकास मंत्री अशोक उइके ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह फैसला सभी दलों के आदिवासी विधायकों के साथ बैठक के बाद लिया गया है।
अशोक उइके ने बताया कि आदिवासी विकास विभाग ने 14 अगस्त को एक सरकारी आदेश जारी किया था। इसमें सरकारी छात्रावासों में रहने के लिए 30 साल की उम्र सीमा तय की गई थी। अब इस आदेश पर रोक लगा दी गई है। इससे 30 साल से अधिक उम्र के उन आदिवासी छात्रों को राहत मिलेगी, जो सरकारी छात्रावासों में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि इस मुद्दे पर सभी दलों के आदिवासी विधायकों के साथ चर्चा की गई। इसके बाद सरकार ने उम्र सीमा वाले आदेश को रोकने का फैसला लिया।
यह फैसला कांग्रेस नेता राहुल गांधी की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखी चिट्ठी के बाद आया है। राहुल गांधी ने सोमवार को आदिवासी छात्रों की समस्याओं को लेकर फडणवीस को पत्र लिखा था। उन्होंने कहा था कि महाराष्ट्र के आदिवासी छात्र 10 दिनों से ज्यादा समय से अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल कर रहे हैं। राहुल गांधी ने छात्रावासों में 30 साल की उम्र सीमा पर भी सवाल उठाया था। उन्होंने कहा था कि इस नियम से ऐसे छात्र प्रभावित हो रहे हैं जो अभी पढ़ाई पूरी कर रहे हैं या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री से प्रदर्शन कर रहे छात्रों से व्यक्तिगत रूप से मिलने और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की थी।
मंत्री अशोक उइके ने राहुल गांधी की चिट्ठी पर प्रतिक्रिया भी दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को आदिवासी छात्रों की मांगों के बारे में पूरी जानकारी नहीं मिली थी। उइके ने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से देख रही है। इसी वजह से 30 साल की उम्र सीमा वाले सरकारी आदेश को फिलहाल रोक दिया गया है।
अशोक उइके ने कुछ छात्रावासों की व्यवस्था को लेकर मिली शिकायतों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि राज्य में कई छात्रावास कांग्रेस नेताओं द्वारा चलाए जाते हैं।मंत्री के मुताबिक, इन छात्रावासों को लेकर भी सरकार के पास शिकायतें पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि सभी शिकायतों की पूरी जांच कराई जाएगी। उइके ने कहा कि जांच में अगर कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि सरकार आदिवासी छात्रों से जुड़े सभी मुद्दों पर गंभीरता से काम कर रही है। छात्रावासों में नियमों और सुविधाओं को लेकर सामने आने वाली शिकायतों की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच के बाद दोषी पाए जाने वालों को किसी भी स्थिति में छोड़ा नहीं जाएगा।
Updated on:
25 Aug 2026 04:18 pm
Published on:
25 Aug 2026 04:18 pm
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