अयोध्या

भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा से पहले RJD समर्थकों ने लगाए विवादित पोस्टर, लिखा- ‘मंदिर मतबल मानसिक गुलामी’

राजद समर्थकों ने बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी के आवास के बाहर भारत की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले के बयान का हवाला देते हुए एक पोस्टर लगाया है। उसमें लिखा है कि मंदिर मतलब मानसिक गुलामी।

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Jan 01, 2024
बिहार के पूर्व सीएम राबड़ी देवी के आवास के बाहर विवादित पोस्टर लगाए गए हैं।

अयोध्‍या में 22 जनवरी को भगवान राम अपने भव्य राम मंदिर में प्रवेश कर जाएंगे। पीएम मोदी के हाथों से प्राण प्रतिष्‍ठा का कार्यक्रम होना है। इसके लिए भव्‍य तैयारियां चल रही है। राम मंदिर प्राण प्रतिष्‍ठा कार्यक्रम के लिए घर- घर में अक्षत निमंत्रण भेजे जाने की शुरूआत हो चुकी है। इसी बीच बिहार में आरजेडी समर्थकों ने एक विवादित पोस्‍टर लगाकर बवाल मचा दिया है। इस बयान से अब राजनीति गरमाती नजर आ रही है।

इस पोस्‍टर में लिखा है कि मंदिर मतलब मानसिक गुलामी और स्कूल मतलब- जीवन में प्रकाश। ये पोस्‍टर पटना में बिहार की पूर्व मुख्‍यमंत्री राबड़ी देवी और लालू प्रसाद यादव के आवास के सामने लगाया गया है।

पोस्टर में तेजस्वी यादव, रावड़ी देवी की लगी है तस्वीर
दरअसल, ये पोस्‍टर आरजेडी समर्थकों ने भारत की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फूले की जयंती समारोह के अवसर पर लगाए गए हैं। लालू- राबड़ी आवास के बाहर लगाए गए इन पोस्‍टर में सनातन और हिंदू देवी देवताओं पर विवादित बयान देने वाले आरजेडी विधायक फतेह बहादुर सिंह की फोटो लगे हैं। इसके अलावा लालू यादव, राबड़ी देवी, बिहार के वर्तमान उप मुख्‍यमंत्री तेजस्‍वी यादव की भई फोटो लगी हुई है। वहीं, साथ में सावित्री बाई फूले की एक फोटो भी लगाई है।

मंदिर में गुलामी मानसिकता
इस पोस्‍टर में सावित्री बाई फूले के बयान का हवाला देते हुए लिखा है कि मंदिर का मतलब मानसिक गुलामी का मार्ग और स्‍कूल का मतलब होता है जीवन में प्रकाश का मार्ग। जब मंदिर की घंटी बजती है तो हमें संदेश देती है कि हम अंधविश्वास, पाखंड, मूर्खता और अज्ञानता की ओर बढ़ रहे हैं और जब स्‍कूल की घंटी बजती है तो हमें यह संदेश मिलता है कि हम तर्कपूर्ण ज्ञान और वैज्ञानिकता व प्रकाश की ओर बढ़ रहे हैं। अब तय करना है कि आपको किस तरफ जाना है।

Updated on:
01 Jan 2024 06:12 pm
Published on:
01 Jan 2024 06:06 pm
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