संतों ने कहा नयी अयोध्या बनाने की जगह वास्तविक अयोध्या को बनाया जाए सुन्दर किया जाए सीमा विस्तार
अयोध्या : प्रदेश की योगी सरकार द्वारा अयोध्या में भगवान श्री राम की प्रतिमा लगवाने की योजना अभी धरातल पर नहीं आ पाई लेकिन उस से पहले ही योगी सरकार ने एक और नयी योजना पर चर्चा शुरू कर दी है ज्सिएक तहत एक नयी अयोध्या बनाने की योजना पर प्रदेश की योगी सरकार काम शुरू कर सकती है . इस बारे में जानकारी देते हुये जिलाधिकारी अनिल कुमार पाठक ने बताया कि अयोध्या पुरानी नगरी है जिसके कारण नगर में किसी नए निर्माण की संभावना नहीं है और काफी मात्रा में बाहर से आने वाले पर्यटक अयोध्या में आ के रहना चाहते है . इसको देखते हुए अयोध्या के आप पास कुछ टाउन शिप को डेवलप किया जाना है जिसे अयोध्या का विस्तार व नई अयोध्या भी कहा जा सकता है और 13 अप्रैल को होने वाली बैठक में इस प्रस्ताव को पेश किया जाएगा . इस नई अयोध्या में आवासीय सुविधा व कामर्शियल सम्बंधित तथा पर्यटन को देखते हुए कार्य किया जाएगा .
संतों ने कहा नयी अयोध्या बनाने की जगह वास्तविक अयोध्या को बनाया जाए सुन्दर किया जाए सीमा विस्तार
बताते चलें कि राम से अयोध्या और अयोध्या से राम का सम्बन्ध है यही अयोध्या का वास्तविक स्वरूप है . उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा पुरानी अयोध्या के बगल नई अयोध्या बसाने की इस योजना में पुरानी अयोध्या को ही विस्तार दिया जाना ही सही है .बताते चलते है कि भगवान् श्री राम का त्रेतायुग में अयोध्या में अवतार हुआ था और राम राज्य स्थापित हुआ था उसके बाद महाराजा विक्रमादित्य के द्वारा पुनः अयोध्या का जीर्णोद्धार किया गया जो कि आज भी वर्तमान अयोध्या के रूप में दिख रही है .
रामलला के मुख्य अर्चक ने कहा बिना राम मंदिर निर्माण के नहीं हो सकता अयोध्या का विकास
वही अयोध्या के संतों ने नई अयोध्या के कांसेप्ट पर आपत्ति जताई है . दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास ने बताया कि सृष्टी की रचना में महाराजा मनु ने अयोध्या को बसाया था सीएम योगी आदित्यनाथ अयोध्या के विकास के लिए लगे हुए है यह ठीक है लेकिन अलग अयोध्या कहाँ से बन जायेगी बल्कि इसी अयोध्या का विकास हो इसे सुन्दर बनाया जाए इसका विस्तार हो ये बेहतर है अलग अयोध्या को बसाने से उसे कोई जानेगा नहीं , इसलिए अयोध्या का विकास करे क्योकि नई अयोध्या का कोई अस्तित्व नहीं है . वही राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सतेन्द्र दास ने कहा कि राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण से ध्यान भटकाने की कोशिशें हो रही हैं . जब तक राम मंदिर नहीं बनता तब तक अयोध्या का विकास संभव नहीं है .