अयोध्या

राम मंदिर को देख भावुक हुई साध्वी ऋतम्भरा ने कहा 500 वर्षों से बलिदानियों का संघर्ष हुआ साकार

अयोध्या पहुंची साध्वी ऋतंभरा ने कहा राम मंदिर आंदोलन के उस क्षण को देखा था । जब पूरी अयोध्या रक्त रंजित हुई थी और अब भगवान राम की भव्य मंदिर का निर्माण हो रहा है।

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Dec 19, 2022
राम मंदिर को देख भावुक हुई साध्वी ऋतम्भरा ने कहा 500 वर्षों से बलिदानियों का संघर्ष हुआ साकार

राम मंदिर आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाली महिला साध्वी ऋतंभरा मंदिर निर्माण को देखने के लिए अयोध्या पहुंची जहां श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चम्पतराय व अन्य सदस्यों के द्वारा स्वागत किया गया। रामलला का दर्शन पूजन कर मंदिर निर्माण के गर्भगृह स्थल पर पहुंचते ही भावुक हुई। अयोध्या दौरे के दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि आज हम अयोध्या धाम प्रभु रामलला का दर्शन करने आए हैं। और जो भव्य मंदिर का निर्माण हो रहा है। उसके भी दर्शन करने आए हैं। श्री अयोध्या धाम में आना ही आनंद और प्रसन्नता का विषय रहता है। लेकिन इसके साथ ही आंदोलन की वह स्मृतियां भी सर्जक हो जाती हैं।

500 वर्ष का लंबे संघर्ष हुआ समाप्त
कहा कि जो सदियों से अवध के सीने में कसक रही थी। अब वह निकल चुकी है। और अब एक आस्था के भव्य मंदिर का निर्माण हो रहा है। कहा कि 500 वर्ष के लंबा संघर्ष के बाद आज यह पीढ़ी सौभाग्य को प्राप्त किए हैं। जो भव्य मंदिर का निर्माण हो रहा है। भारत लाखों मंदिरों से भरा पड़ा हुआ है लेकिन श्री अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि का यह मंदिर हमारे उस दृढ़ता का प्रतीक है कि हमने अपने संकल्प और आस्था के केंद्र बिंदु को एक पल कभी नहीं हारा था और उस आस्था के दीए में तेल नहीं डाले थे बल्कि बलिदानों के रक्त समर्पित किए थे। ताकि आने वाले युगो युगो तक हमारी पीढ़ियां इस स्थान पर आकर प्रेरणा अर्जित करते रहें।


माता गौरी की पूजा हमारी आस्था : ऋतंभरा
वही काशी में श्रृंगार गौरी की पूजन अर्चन की मांग को लेकर साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि यह हमारा अपना अधिकार है हमारी पूजा और हमारी आस्था के मंदिरों पर उसके लिए समाज प्रयत्न करता है ईश्वर कृपा करेंगे जब पत्थर स्वयं गवाही देने लगेंगे तो सत्य स्वयं प्रखर होकर बोले नहीं लगता है।

बॉलीवुड के फिल्मों पर साध्वी ऋतंभरा ने जताया एतराज
वहीं पठान फ़िल्म को लेकर साध्वी ने कहा कि जो कार्य हमारे मूल्यों को चोट पहुंचाता है हमें अपमानित करता है। उसकी तरफ झांकना नहीं है। बॉलीवुड का यह रवैया रहा है कि उसने हमेशा छदम तरीके से दिमाग में यह डाला गया। और हमें देखने की भी आदत पड़ गई है। पर अब भारत जाग चुका है। अब हम अपने मान, सम्मान, संस्कृति, परंपरा का अपमान नहीं होने देंगे इस पठान फिल्म पर रोक लगे या ना लगे लेकिन समाज को देखना चाहिए क्या देखना है और क्या नहीं देखना है।

Published on:
19 Dec 2022 10:59 am
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