अयोध्या

Ayodhya Ram Mandir Scam: चढ़ावा घोटाले में ट्रस्ट ने कहा आस्था सर्वोपरि, 18 जुलाई को आएगी SIT जांच रिपोर्ट

Ram Mandir Donation Scam: राममंदिर ट्रस्ट में सामने आए कथित चढ़ावा चोरी मामले के बाद सोमवार को मंदिर ट्रस्ट ने कई अहम फैसले लिए हैं। ट्रस्ट की आयोजित बैठक में चंपत राय, अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर मुहर लगी।
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Ram Mandir Donation Scam: राममंदिर ट्रस्ट में सामने आए कथित चढ़ावा चोरी मामले के बाद सोमवार को मंदिर ट्रस्ट ने कई अहम फैसले लिए हैं। ट्रस्ट की आयोजित बैठक में चंपत राय, अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर मुहर लगी। वहीं मामले में जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की रिपोर्ट 22 जुलाई को पेश किए जाने की उम्मीद है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही मामले में दोषियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय होने की जानकारी सामने आई है।

ट्रस्ट ने इस्तीफे किए स्वीकार

सोमवार को आयोजित बैठक में ट्रस्ट के पदाधिकारियों चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए। ट्रस्ट ने फिलहाल कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव (सचिव) की जिम्मेदारी सौंपी है। नए स्थायी महासचिव की नियुक्ति होने तक कृष्ण मोहन ट्रस्ट के प्रशासनिक कार्यों का संचालन करेंगे।

दान में मिली 2800 वस्तुओं का रिकॉर्ड सुरक्षित

राममंदिर ट्रस्ट की ओर से जारी सूचना के अनुसार राममंदिर निर्माण और श्रद्धालुओं से प्राप्त करीब 2800 दान स्वरूप मिली वस्तुओं का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित है। इन वस्तुओं के दस्तावेज और सूची संरक्षित हैं, ताकि जांच के दौरान किसी तरह की पारदर्शिता पर सवाल न उठे।

कृष्ण मोहन बोले, श्रद्धालुओं की आस्था सर्वोपरि

अंतरिम महासचिव बनाए गए कृष्ण मोहन ने कहा कि कथित चंदा चोरी मामले में श्रद्धालुओं की आस्था पर चोट किसी भी सूरत
में बर्दाश्त नहीं होगी। ट्रस्ट पूरी पारदर्शिता के साथ जांच में सहयोग कर रहा है। जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था सर्वोपरि है और ट्रस्ट किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेगा।

तीन सदस्यीय समिति का गठन

ट्रस्ट की बैठक में प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था की निगरानी के लिए तीन सदस्यीय समिति का भी गठन किया गया है। यह समिति जांच प्रक्रिया, रिकॉर्ड सत्यापन और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जरूरी सुझाव देगी।

अब 22 जुलाई पर टिकी निगाहें

पूरे मामले में अब आगामी 22 जुलाई को एसआईटी की रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि कथित चंदा चोरी के मामले में किसकी क्या भूमिका रही। ट्रस्ट का कहना है कि जांच में दोषी पाए लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।

मामले में कब क्या हुआ

  • मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए नकद और अन्य दान के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं की शिकायतें सामने आने के बाद मामले का खुलासा होने पर जांच शुरू हुई।
  • उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) गठित किया। प्रारंभिक जांच में दान की गिनती और निगरानी व्यवस्था में गंभीर खामियां उजागर हुई। एसआईटी की सिफारिश पर अयोध्या के रामजन्मभूमि थाने में एफआईआर दर्ज की गई। शिकायत ट्रस्ट की ओर से दी गई थी।
  • पुलिस ने दान गबन के आरोप में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें नकदी गिनने वाले कर्मचारी और मंदिर से जुड़े कुछ संविदाकर्मी शामिल बताए गए। जांच एजेंसियों के अनुसार कुछ नकदी बरामद भी की गई।
  • विवाद बढ़ने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा सौंप दिया। सोमवार को मंदिर ट्रस्ट की बैठक में दोनों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए हैं।
Updated on:
06 Jul 2026 08:44 pm
Published on:
06 Jul 2026 08:44 pm
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