सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने भारतीय रुपये की लगातार कमजोरी पर चिंता जताई। उनका कहना है कि सरकार की गलत नीतियों और विफल विदेश नीति के कारण मुद्रा कमजोर हो रही है।
UP Politics: सपा के सांसद अवधेश प्रसाद ने हाल ही में भारतीय रुपये के लगातार कमजोर होने पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि सरकार की नीतियों की वजह से देश की मुद्रा की ताकत दिन-ब-दिन घट रही है। यह स्थिति आम लोगों के लिए बहुत परेशानी पैदा कर रही है।
अवधेश प्रसाद का कहना है कि भारत की विदेश नीति अब पूरी तरह विफल हो चुकी है। सरकार की तरफ से इस समस्या को ठीक करने के लिए कोई ठोस या असरदार कदम नहीं उठाया जा रहा है। विदेश नीति कमजोर होने से रुपये की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार गिर रही है। जब रुपये की ताकत कम होती है तो विदेशी सामान महंगा हो जाता है।
रुपये के कमजोर होने का सबसे बड़ा नुकसान पूरी अर्थव्यवस्था को हो रहा है। सांसद ने बताया कि यह गिरावट सिर्फ एक-दो क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगी। इसका असर देश के हर हिस्से पर पड़ेगा। खास तौर पर आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ेगा। महंगाई बढ़ने से लोग पहले से ज्यादा परेशान होंगे। कृषि क्षेत्र में खाद, कीटनाशक और बीज जैसे सामान ज्यादातर आयात होते हैं। रुपये कमजोर होने से ये चीजें महंगी हो जाएंगी। किसानों की लागत बढ़ेगी और फसल का दाम कम होने से उनका नुकसान होगा। बाजार में भी सामान की कीमतें आसमान छूने लगेंगी। डेयरी उत्पाद जैसे दूध, दही, पनीर आदि भी महंगे हो जाएंगे। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में मुश्किल होगी।
सांसद ने खास तौर पर पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के बढ़ते दामों की बात की। विदेश से कच्चा तेल खरीदने के लिए ज्यादा रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। नतीजा यह है कि पेट्रोल-डीजल महंगा हो रहा है। रसोई गैस सिलेंडर की कीमत भी बढ़ गई है। कई जगहों पर लोगों को गैस सिलेंडर भरवाने के लिए लंबी-लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। यह स्थिति आम परिवारों के लिए बहुत तकलीफदेह है।
अवधेश प्रसाद का आरोप है कि ये सारी समस्याएं सरकार की गलत नीतियों का नतीजा हैं। अगर समय रहते सही कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और खराब हो सकती है। उन्होंने कहा कि देश को अब इन गलत नीतियों का अंजाम भुगतना पड़ रहा है। आम लोगों की मुश्किलें बढ़ रही हैं और सरकार को इस दिशा में जल्दी से जल्दी कारगर कदम उठाने चाहिए।