आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर के लड्डू में जानवरों की चर्बी और मछली का तेल मिलाने की रिपोर्ट सामने आने के बाद अयोध्या के संतों में गुस्सा है।
आंध्र प्रदेश के त्रिरुपति बाला जी के प्रसाद के लड्डू में जानवरों की चर्बी और मछली का तेल मिलावट होने का दावा किया जा रहा है। इसके बाद से अयोध्या के संतों में भयानक गुस्सा पनप गया है। दरअसल राममंदिरउद्घाटन के मौके पर त्रिरुपति बालाजी से विशेष तौर पर बनाए गए तीन टन लड्डू अयोध्या आए थे। जब रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई तो उस समय तिरुपति बालाजी से आए प्रसादम एक लाख लड्डू अतिथियों के बीच बांटे गए थे।
राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) ने लड्डू में चर्बी मिलने की पुष्टि की है। इसके बाद से देश के साधु- संतों में रोष देखने को मिल रहा है। वहीं, राम मंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास ने कहा कि सरकार गंभीरता से इसकी जांच कराए और दोषियों को दंड दे।
तिरुपति बालाजी के लड्डू में चर्बी मिलने के बाद राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि ये बहुत दुखदायी बात है और करोड़ों लोगों की आस्था के ऊपर आघात है। उन्होंने आशंका जाहिर की है कि सनातन धर्म पर चोट पहुंचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय साजिश का यह हिस्सा हो सकता है। इसलिए सरकार इसकी ठीक से जांच करे और पता लगाए कि इसमें कोई विदेशी साजिश है या ये देश के लोगों की ही करतूत है।
उन्होंने कहा कि तिरुपति बालाजी के लड्डू की बहुत प्रसिद्धि है। जिसने भी ऐसा घृणित काम किया है, वो बहुत ही भयंकर अपराधी है, देशद्रोही है। दास ने कहा कि लड्डू में कब से ये सब मिलाया जा रहा है, पता नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार सुनिश्चित करे कि ऐसी घटना आगे ना हो।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को विधायकों की बैठक में कहा था कि जगन मोहन रेड्डी सरकार के दौरान तिरुपति बालाजी मंदिर के लड्डू में शुद्ध घी के बदले जानवरों की चर्बी का इस्तेमाल हो रहा था। गुरुवार को टीडीपी के प्रवक्ता अनम वेंकट रमण रेड्डी ने प्रेस कांफ्रेस करके गुजरात की एक लैब की रिपोर्ट का हवाला दिया। गुजरात के आणंद में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) की इस लैब ने तिरुपति बालाजी मंदिर के लड्डू में इस्तेमाल घी के सैंपल की जांच की थी और कहा कि इसमें कई जानवरों की चर्बी के साथ ही मछली का तेल भी मिलाया गया था।