
अयोध्या. शिवसेना के चीफ उद्धव ठाकरे अयोध्या पहुंच गए हैं। उद्धव ठाकरे अयोध्या में रामलला के दर्शन करने के साथ ही सरयू तट पर पूजा- अर्चना भी करेंगे। इसके बाद वो साधु-संतों के साथ चर्चा करेंगे। उद्धव का कहना है कि लोकसभा चुनाव के पहले राम मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ हो जाना चाहिए।
उद्धव ठाकरे शिवाजी के जन्म स्थान की मिट्टी लेकर शनिवार (24 नवंबर) दोपहर 2 बजे अयोध्या पहुंचे। उद्धव के पहुंचने के पहले बड़ी तादाद में शिवसेना कार्यकर्ता अयोध्या में पहुंच गई। विश्व हिंदू परिषद ने भी अपने सभी लोगों से अयोध्या पहुंचने की अपील की है, जहां एक बड़े सम्मेलन के ज़रिए वो सरकार पर संसद के ज़रिए मंदिर बनाने का रास्ता खोलने का दबाव बनाने की तैयारी कर सकें।
मोहन भागवत के बयान ने उद्धव ठाकरे की रणनीति पर फेरा पानी
शिवसेना अब अयोध्या में राम मंदिर के सहारे महाराष्ट्र से बाहर निकलने की तैयारी करने लगी हुई है। पार्टी को इस बात का पूरा अंदेशा हो गया है कि महाराष्ट्र में अब बीजेपी उससे नंबर-2 पार्टी बनकर नहीं रह सकती है। इसलिए अस्तित्व बचाए रखने के लिए अब शिवसेना ने अयोध्या का मुद्दा अपने हांथों में थाम लिया है लेकिन इस बात की भनक आरएसएस और बीजेपी को पहले ही लग चुकी थी। विजयादशमी के मौके पर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे 25 नवंबर को अयोध्या जाने का ऐलान करते कि उससे पहले ही संघ प्रमुख मोहन भागवत ने मंदिर निर्माण के लिए कानून बनाने की मांग कर दी। मोहन भागवत के इस बयान ने उद्धव ठाकरे की रणनीति पर पानी फेर दिया और इसके बाद से उद्धव ठाकरे के निशाने पर संघ प्रमुख भी आ गए है।
एक बार फिर किले में तब्दील अयोध्या
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए विश्व हिंदू परिषद रविवार को धर्मसभा का आयोजन कर रही है। वहीं शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे भी शनिवार को अयोध्या पहुंच गए हैं। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की उपस्थिति को देखते हुए भारी तादात में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। इससे रामनगरी का माहौल गरमाया हुआ है।
इस पूरी कवायद के पीछे सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई भी हो सकती है ताकि जनवरी में जब कोर्ट इसकी तारीख तय करने के लिए बैठे तो उसको इस मुद्दे की अहमियत के बारे में भी बताया जा सके। फिलहाल 1992 के बाद अयोध्या एक बार फिर किले में तब्दील है। अयोध्या मामले के पैरोकार इकबाल अंसारी ने कहा है कि भीड़ जमा होने के साथ ही अयोध्या में भय का माहौल बना हुआ है।
अखिलेश ने की अयोध्या में सेना तैनात करने की मांग
अयोध्या के इस मुद्दे पर राजनीति की तेजी को देखते हुए यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने अयोध्या में सेना तैनात करने की मांग करते हुए कहा है कि बीजेपी किसी भी हद तक जा सकती है। अखिलेश ने कहा कि बीजेपी को न सुप्रीम कोर्ट पर यकीन है और न ही संविधान पर। सुप्रीम कोर्ट को संज्ञान लेकर यहां सेना को बढ़ाकर भेजने की जरूरत हैं।