सैकड़ों की संख्या में जुटे लोगों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवं कुंड में डाली आहुतियाँ
अयोध्या : पृथ्वी को ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्याओ से बचाने के लिए वैदिक शक्ति ही रास्ता है जिससे पृथ्वी पर आपदा जैसी घटनाओ से बचा जा सकता है .विश्व पृथ्वी दिवस अर्थ डे World Earth Day के मौके पर धार्मिक नगरी अयोध्या के सरयू तट के किनारे आज पृथ्वी सूक्ति मंत्रो का पाठ किया गया . अयोध्या सरयू नदी के तट पर स्थित लक्ष्मण घाट पर विश्व पृथ्वी दिवस मनाया गया तथा पृथ्वी की शन्ति के लिए हवन पूजन किया गया .कार्यक्रम आयोजक सर्वेश कुमार ने बताया कि पृथ्वी की शांति और पूरी धरा को हरा भरा रखने के लिए आध्यात्म का मार्ग अपनाया गया है जिस से पृथ्वी को सुरक्षित किया जा सके इसी उद्देश्य से आज धार्मिक नगरी अयोध्या के सरयू तट के किनारे हवन पूजन किया गया है .
सैकड़ों की संख्या में जुटे लोगों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन कुंड में डाली आहुतियाँ
कार्यक्रम आयोजकों ने बताया कि आज जो भी आपदा फैली हुई है और हमारी जो सनातन वैदिक परम्परा है वह शास्त्रों और मंत्रो के आधार पर है . इसलिए आज सरयू तट पर अथर्वेद के पृथ्वी सूक्ति के आधार पर शांति का पाठ और हवन किया गया है जिससे इस वातावरण में शुद्धि हो पृथ्वी में शांति हो ,अभी ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्याए विश्व झेल रहा है जिसे वैदिक संस्कृति और मंत्रो के माध्यम से इस वार्मिंग को कम करने की कोशिश कर रहे है . आयोजकों ने बताया कि आज विश्व में के वैज्ञानिकों ने भी माना है वैदिक मंत्रो और हवन से उत्पन्न होने वाले शक्ति बहुत भी शक्तिशाली होते है, जिसे वैज्ञानिकों ने कई शोध के आधार पर सिद्ध किया है कि हवन करने से वायु मंडल में शुद्धि आती है तथा वैदिक मंत्रो से उच्चारण से वातावरण शुद्ध होता है . इस कार्यक्रम में अवध विश्व विद्यालय के प्रोफ़ेसर डा राम नयन राय , डा राजेश कुमार सिंह के साथ धरा फोरम से सर्वेश कुमार , प्रमोद कुमार , प्रशांत कुमार , लक्ष्मी जयसवाल , दीपिका जायसवाल , नागेन्द्र , अफजल , ब्रिजेश कुमार आदि लोग मौजूद रहे .