बाहुबली रमाकांत यादव का पर्दाफाश, भांजे ने कबूला जुर्म
आजमगढ़. देश एवं प्रदेश की सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी से बगावत का परिणाम कहें अथवा न्याय, पूर्व सांसद एवं बाहुबली नेता रमाकान्त यादव की मुश्किल बढ़ गई है। पिछड़ों के हितों की रक्षा का दावा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर पिछड़ों के उत्पीड़न का आरोप लगाने वाले रमाकान्त यादव पर अवैध खनन का आरोप साबित हो गया है। पूर्व सांसद के भांजे राजेश कुमार यादव ने जुर्म स्वीकार कर लिया है। मोहम्मदपुर ब्लाक के गांव खराटी में चारागाह की जमीन से अवैध खनन के ममाले में अब खनन विभाग द्वारा जुर्माना लगाकर रॉयल्टी जमा कराई जाएगी। जिसके लिए विभाग की ओर से आकलन शुरू कर दिया गया है।
बता दें कि गंभीरपुर थाना क्षेत्र के खराहटी गांव में सांसद रमाकांत यादव द्वारा एक पखवारा पूर्व अवैध खनन कराए जाने की शिकायत ग्राम प्रधान नंदकेश्वर चौहान और ग्रामीणों ने की थी। प्रधान एवं ग्रामीणों के जबरदस्त विरोध के बाद दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे गंभीरपुर एसओ ने पूर्व सांसद रमाकांत यादव की पोकलैण्ड मशीन को कब्जे में ले लिया था। उस समय रमाकांत यादव ने दावा किया था कि फोरलेन सड़क के लिए मिट्टी भरी जानी है, इसके लिए एक करोड़ रूपये की रॉयल्टी जमा करा दी गई है। इसके बाद ही मिट्टी का खनन किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया था कि पिछड़ों के हक के लिए सरकार के खिलाफ बोला, जिसके कारण ही अधिकारियों द्वारा उन्हें परेशान किया जा रहा है। रमाकान्त ने यहां तक आरोप लगाया था कि सीएम योगी ठाकुर हैं और डीएम चंद्रभूषण सिंह भी ठाकुर है। विरादरीवाद में वे उनका उत्पीड़न कर रहे है। इस मामले ने काफी तूल पकड़ लिया था। वहीं दूसरी तरफ थाने से पोकलैण्ड बरामद किए जाने की रिपोर्ट खनन विभाग को भेज दी गई थी, लेकिन पोकलैण्ड स्वामी के दावा नहीं करने की वजह से मामला जस का तस पड़ा था। अब पूर्व सांसद के भांजे रंजेश यादव ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है। इसके बाद खनन विभाग की ओर से जुर्माना लगाने और रॉयल्टी जमा कराने के लिए आकलन शुरू कर दिया गया है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि अभी ज्यादा खनन किया नहीं गया था। खनन शुरू करने के लिए अभी रास्ता ही बनाया जा रहा था।
By-Ranvijay Singh