आजमगढ़ का तरवां गांव में है अमर सिंह की पैतृक सम्पत्ति, मीडिया में चर्चा के बाद अब तक अमर सिंह ने सामने आकर नहीं दिया है कोई बयान।
आजमगढ़. सपा में रहते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को राष्ट्र के लिए खतरा बताने वाले अमर सिंह बीजेपी से नजदीकियां बढ़ने के बाद इस संगठन पर भी मेहरबान हो गए हैं। राज्यसभा सांसद अमर सिंह ने अपनी पैतृक सम्पत्ति अराएसएस के नाम कर दी है! इसमें करीब एक बंग्ला जिसकी कीमत तकरीबन चार करोड़ रुपये है और 10 बीघा जमीन शामिल है, जिसकी कीमत 15 करोड़ बतायी जा रही है। इसे संघ के अनुषांगिक संगठन सेवा भारती को दे दिया है। मीडिया में रिपोर्ट्स में इस तरह की खबरें आने के बाद अब तक न तो अमर सिंह और न ही उनसे जुड़े किसी शख्स ने सामने आकर इसकी पुष्टी की है। यानि अमर सिंह करीब पंद्रह करोड़ रुपये की संपत्ति दान किये हैं।
अमर सिंह आजमगढ़ जिले में गाजीपुर बॉर्डर के नजदीक तरवां गांव के रहने वाले हैं। दो भाइयों में अरविंद सिंह बड़े कारोबारी हैं। 1996 में मुलायम सिंह यादव से नजदीकी बढ़ने के बाद कांग्रेस छोड़ वह सपा में शामिल हुए। मुलायम ने इन्हें राष्ट्रीय महासचिव के साथ वर्ष 1997 में राज्यसभा सदस्य भी बना दिया। इसके बाद अमर सिंह लगातार बीजेपी और आरएसएस पर हमलावर रहे।
साल 2010 में सपा से अलग हुए लेकिन 2015-16 में इन्हें दोबारा मुलायम सिंह ने चीनी मिल के उद्घाटन के दौरान सपा में शामिल कर लिया। पर इस बार वो सपा में टिक नहीं पाए। शिवपाल से नजदीकी और आजम का विरोध उन्हें भारी पड़ा। सपा के पारिवारिक झगड़े के दौरान उन्हें फिर पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
इस बार सपा से निकाले जाने के बाद अमर सिंह की नजदीकियां बीजेपी और पीएम मोदी से बढ़ी। पिछले एक साल से अमर सिंह भाजपा और संघ का गुणगान कर रहे हैं। अब अमर सिंह के अपनी पैतृत संपत्ति को आरएसएस के संगठन को दान करने की खबरों को लेकर चर्चा में हैं।
बचपन से बाहर रहने के बाद भी अमर सिंह को अपने गांव और घर से काफी लगाव है। पारिवारिक कार्यक्रम वो हमेशा अपने घर पर ही कराते रहे है। उंनकी माता के निधन पर त्रायोदशाह भी यहीं से हुआ था, जिसमें अतिथियों को लाने के लिए हेलीकाप्टर लगाया गया था। अमिताभ, एश्वर्या सहित कई बड़ी हस्तियां उसमें शामिल हुई थीं। ऐसे किसी को भी उम्मीद नहीं थी कि अमर सिंह अपने पैतृक आवास या दूसरी संपत्तियों को किसी को दान करेंगे या बेचेंगे। उनके इस कथित फैसले की चर्चा उनके समर्थकों को भी चौका दिया है।
इस पूरे मामले में जब उनके भाई अरविंद सिंह से बात की तो उन्होंने कहा कि अपनी पैतृक संपत्ति दान की है या नहीं की है इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है और ना ही वह इसका स्पष्टीकरण दे सकते हैं। खुद अमर सिंह से बात की जाए तो वह ज्यादा बेहतर बताएंगे, वहीं उनके करीबी रहे लोगों ने इस बात की पुष्टि तो जरूर की कि अमर सिंह ने अपनी पैतृक संपत्ति को दान कर दिया है लेकिन अपना नाम प्रकाशित करने के लिए मना कर दिया।
By Ran Vijay Singh