
Azamgarh News: आजमगढ़ के शंभूपुर गांव में एक शख्स ने घर में चल रहे महामृत्युंजय मंत्र के जाप के दौरान दो पुजारी और अपनी पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी ने अपने तीन बच्चों के साथ खुद को कमरे में बंद कर लिया। पुलिस के बार-बार समझाने के बाद भी वह बाहर नहीं निकला। इसी दौरान उसने अपने 7 वर्षीय बेटे को भी गोली मार दी, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में आरोपी भी एनकाउंटर में ढेर हो गया। घटना सामने आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। आरोपी की मां ने बताया कि 8 साल पहले उसके एक बेटे की हत्या हो गई थी और पूरे परिवार को उसका भूत परेशान कर रहा था। इसी के लिए पूजा पाठ का कार्यक्रम रखा गया था।
दरअसल घर में जब पूजा पाठ चल रहा था तो आरोपी अरविंद इस बात से नाराज हो गया। बताया जा रहा है कि अरविंद अंधविश्वास को नहीं मानता था और पत्नी द्वारा पूजा कराए जाने से वह परेशान था। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार की शाम वह घर पहुंचा और पुजारी से आधार कार्ड दिखाने को कहा। इसी बात को लेकर पुजारी महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा से उसकी बहस हो गई और उसने पिस्टल निकाल कर दोनों पर फायर कर दिया। पत्नी बबीता सिंह ने विरोध किया तो अरविंद ने उसे भी गोली मार दी।
घटना की जानकारी होने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो अरविंद ने बच्चों के साथ खुद को कमरे में बंद कर लिया। इस बात की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को भी दी गई। अधिकारियों ने एसओजी और एटीएस को मौके पर बुला लिया। वहीं, वाराणसी से एडीजी जोन भी आजमगढ़ पहुंचे। करीब 8 घंटे तक अपने तीन बच्चों को उसने कमरे में बंधक बनाकर रखा। पुलिस के बार-बार समझाने के बाद भी वह बाहर नहीं निकला। इसी दौरान उसने धमकी दी कि वह अपने बच्चों को भी गोली मार देगा। पुलिस उसे बार-बार सरेंडर करने को कह रही थी। इसी बीच अरविंद ने अपने 7 वर्षीय बेटे शौर्य को गोली मार दी।
गोली की आवाज सुनने के बाद एसओजी और एटीएस की टीम दरवाजा तोड़कर कमरे के अंदर पहुंची, जिसके बाद आरोपी अरविंद ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग झोंक दी। एसओजी और एटीएस की कार्रवाई में अरविंद घायल हो गया, जिसके बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में उसके बेटे और अरविंद दोनों ने ही दम तोड़ दिया। अरविंद की मां ने बताया कि 8 साल पहले उसके बेटे की हत्या हुई थी और उसका ही भूत अरविंद पर आया करता था। इसी वजह से घर में पूजा पाठ कराया जा रहा था।
अरविंद की मां ने बताया कि 6 दिन के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप चल रहा था और मंगलवार को पांचवा दिन था। अरविंद इस बात से नाराज था और चेतावनी दी थी कि घर में पूजा पाठ का कार्यक्रम ना रखा जाए। इसी दौरान शाम को 6 बजे अरविंद घर पहुंचा और उसकी पत्नी से उसकी बहस होने लगी। इसके बाद पूजा कर रहे पंडित उसे समझाने के लिए पहुंचे। इसी बात पर विवाद हुआ और उसने दोनों पंडित को गोली मार दी। पत्नी द्वारा विरोध किए जाने के बाद उसने अपनी पत्नी को भी गोली मार दी। अरविंद की मां ने बताया कि उसे शक था कि उसके भाई की हत्या उसके पत्नी की वजह से ही हुई है इसलिए वह नाराज था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अनिल कुमार ने बताया है कि अरविंद ने अपने सबसे छोटे बेटे को गोद में लेकर खुद को और दो अन्य बच्चों को कमरे में बंद कर लिया। पुलिस जब मौके पर पहुंची तब तक वह हत्या की इस वारदात को अंजाम दे चुका था। पुलिस उसे बार-बार सरेंडर करने को कहती रही, लेकिन उसने अपने बच्चों को गन पॉइंट पर ले लिया। इस दौरान उसने अपने बेटे को भी गोली मार दी। इसके बाद पुलिस ने स्टैंड ग्रेनाइट और टियर गैस का इस्तेमाल किया और दरवाजा तोड़कर घर में दाखिल हुई। पुलिस को देख आरोपी ने लाइसेंसी पिस्टल से अंधाधुंध फायरिंग करनी शुरू कर दी। इसके बाद की गई जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया है। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया और अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे अमृत घोषित कर दिया।