आजमगढ़ जिले में वीवीआईपी आगमन के दौरान होने वाले अस्थायी इंतजामों से बचने और संसाधनों के बेहतर उपयोग के उद्देश्य से प्रशासन ने स्थायी हेलीपैड निर्माण की योजना को गति दी है। इस योजना के तहत जिले के तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों पर कुल 18 स्थायी हेलीपैड बनाए जाएंगे। प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, जिले में […]
आजमगढ़ जिले में वीवीआईपी आगमन के दौरान होने वाले अस्थायी इंतजामों से बचने और संसाधनों के बेहतर उपयोग के उद्देश्य से प्रशासन ने स्थायी हेलीपैड निर्माण की योजना को गति दी है। इस योजना के तहत जिले के तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों पर कुल 18 स्थायी हेलीपैड बनाए जाएंगे।
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, जिले में आठ तहसील और 22 ब्लॉक हैं, जिनमें से कई स्थानों पर दोनों मुख्यालय एक ही परिसर में स्थित हैं। ऐसे स्थानों पर एक ही हेलीपैड बनाया जाएगा, जबकि अन्य जगहों पर अलग-अलग निर्माण होगा। प्रत्येक हेलीपैड के निर्माण पर लगभग 40 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।
फिलहाल 12 स्थानों पर जमीन चिन्हित कर ली गई है, जबकि शेष छह जगहों की तलाश जारी है। हेलीपैड निर्माण के लिए 50×50 मीटर क्षेत्र की आवश्यकता तय की गई है। इसके साथ ही कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को हेलीपैड तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए करीब 500 मीटर लंबी सड़क भी बनानी होगी।
प्रशासन ने बताया कि पहले किसी भी वीवीआईपी कार्यक्रम के दौरान अस्थायी हेलीपैड तैयार करने में लगभग आठ लाख रुपये खर्च होते थे, जो कार्यक्रम के बाद बेकार हो जाते थे। इसी को ध्यान में रखते हुए स्थायी ढांचे के निर्माण का निर्णय लिया गया है, जिससे सरकारी धन की बचत के साथ व्यवस्थाएं भी बेहतर होंगी।
अधिकारियों के मुताबिक कुछ स्थानों के लिए प्रारंभिक प्रस्ताव भेजे गए थे, लेकिन उनमें सड़क निर्माण का प्रावधान शामिल न होने के कारण उन्हें संशोधन के लिए वापस किया गया है। अब संशोधित प्रस्ताव दोबारा भेजे जा रहे हैं और अन्य स्थानों के लिए भी प्रक्रिया जारी है।