पुलिस अधीक्षक ने कार्यों में लापरवाही के कारण अहीरौला थानाध्यक्ष पर बड़ी कार्रवाई करते हुए लाइन हाजिर कर दिया। थानाध्यक्ष अहिरौल मनीष पाल पर कई आरोप लगे थे।
आजमगढ़ पुलिस अधीक्षक ने कार्यों में लापरवाही के कारण अहीरौला थानाध्यक्ष पर बड़ी कार्रवाई करते हुए लाइन हाजिर कर दिया। थानाध्यक्ष अहिरौल मनीष पाल पर कई आरोप लगे थे। आरोपों के जांच में दोष सिद्ध होने पर पुलिस अधीक्षक ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया। आपको बता दें कि अहिरौला थानांतर्गत शमसाबाद गांव के पास मंजूषा नदी के किनारे संरक्षित गो वंशीय पशुओं के अवशेष मिले थे। जिसे थानाध्यक्ष ने बिना किसी जांच और करवाई के जेसीबी से गड्ढा खुदवा कर नदी के किनारे दफना दिया था।
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इस मामले में विश्व हिंदू परिषद के जिला संयोजक प्रशांत कुमार ने अपने पदाधिकारियों से इस मामले में शिकायत की थी। उनकी शिकायत पर विश्व हिंदू परिषद के प्रांत संयोजक गौरव सिंह रघुवंशी ने इसे लेकर एक्स के माध्यम से आजमगढ़ पुलिस, डीएम आजमगढ़, डीआईजी आजमगढ़, यूपी पुलिस व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ट्वीट किया। पोस्ट में लिखा 'समशाबाद पुल के समीप चार गोवंश का कटा हुआ सिर मिला है। जिसे पुलिस द्वारा वहीं गड़वा दिया गया है। बिना जांच कराएं, घटना की अच्छे से जांच किया जाए और उचित कार्यवाही हो'।
इस संबंध एसपी ग्रामीण को जांच के लिए कहा गया। एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने नदी के किनारे पहुंच कर जेसीबी से खुदाई करवाई और मांस को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेज दिया। इसके साथ ही अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके मामले की छानबीन की जा रही। इस संबंध में एसपी ग्रामीण ने बताया कि चार गोवंशीय पशुओं के सर मिले हैं। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।