
Azamgarh News: आज़मगढ़ जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के नौशहरा वार्ड निवासी लोको पायलट दुर्गेश कुमार की संदिग्ध मौत के मामले में जिला सत्र न्यायालय ने आरोपी भाजपा नेता ज्ञानेंद्र मिश्रा को जमानत प्रदान कर दी है। अदालत के इस फैसले से मृतक के परिजनों में निराशा का माहौल है, जबकि बचाव पक्ष ने इसे न्यायिक प्रक्रिया की जीत करार दिया है।
रेलवे में लोको पायलट के पद पर तैनात दुर्गेश कुमार की 7 सितंबर को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें दुर्गेश ने अपनी मौत के लिए भाजपा नेता ज्ञानेंद्र मिश्रा और एक युवती को जिम्मेदार ठहराया था। पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए मिश्रा समेत छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की थी।
अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ओम प्रकाश मिश्रा ने कहा कि उनके मुवक्किल के निर्दोष होने के पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत किए गए हैं। उन्होंने बताया कि न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत याचिका स्वीकार की है और सभी शर्तों का पालन किया जाएगा।
वहीं, मृतक दुर्गेश कुमार के परिजनों ने अदालत के फैसले पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई है। फिलहाल शेष पांच आरोपी अभी भी न्यायिक हिरासत में हैं।