आजमगढ़ जिले के रौनापार थाना क्षेत्र में पुलिस ने जाली नोट बनाने और चलाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 1.19 लाख रुपये की नकली करेंसी के साथ-साथ नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार क्षेत्राधिकारी […]
आजमगढ़ जिले के रौनापार थाना क्षेत्र में पुलिस ने जाली नोट बनाने और चलाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 1.19 लाख रुपये की नकली करेंसी के साथ-साथ नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार क्षेत्राधिकारी सगड़ी के निर्देशन में रौनापार थानाध्यक्ष मंतोष सिंह की टीम इलाके में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि टेकनपुर पुलिया के पास एक सफेद कार में कुछ लोग नकली नोटों का लेन-देन कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस की तीन टीमों ने मौके पर घेराबंदी कर कार्रवाई की और छह लोगों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों में नितिन सिंह उर्फ भोला, ऋषिकेश सिंह उर्फ शनि, अभिषेक सिंह उर्फ कान्हा, आदित्य सिंह उर्फ चंकी, शिवम सिंह उर्फ विदुर और मुन्ना पांडेय शामिल हैं।
पुलिस पूछताछ और उनकी निशानदेही पर बाद में ग्राम जगदीशपुर से मनोज कुमार और रुद्र पांडेय को भी गिरफ्तार किया गया। इनके पास से जाली नोट बनाने में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण भी बरामद किए गए हैं।
एसपी ग्रामीण चिराग जैन के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह का सरगना मनीष मिश्रा है, जो लैपटॉप और प्रिंटर की मदद से ए-4 साइज के कागज पर नकली नोट प्रिंट करवाता था। बाद में उन्हें पेपर कटर से असली नोट के आकार में काटकर तैयार किया जाता था।
गिरोह के सदस्य नकली नोटों को असली नोटों की गड्डियों के बीच रखकर बाजार और दुकानों में चलाते थे, जिससे आम लोगों को शक न हो सके। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक कार, 1.19 लाख रुपये के जाली नोट, प्रिंटर, लैपटॉप, कीबोर्ड-माउस, पेपर कटर, इंक की बोतलें, डिस्क ड्राइव, डीवीडी ड्राइव और सात मोबाइल फोन बरामद किए हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश भी जारी है।